मकसद ऐसा खाना तैयार करना है जो कैलोरी से भरपूर चीज़ों पर ज़्यादा निर्भर हुए बिना न्यूट्रिएंट्स का सही मिश्रण दे।
दरअसल, इंदौर में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा लगातार सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को होटल सयाजी में किए गए
मामला सिर्फ़ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पोषण, पारदर्शिता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अहम सवाल भी खड़े होते हैं।
ज़्यादातर लोग रोज़ाना लगभग 15 ग्राम फ़ाइबर लेते हैं, जबकि इसकी ज़रूरी मात्रा 25-38 ग्राम के आसपास है।
डायबिटीज के मरीज़ों के लिए, पैर में लगी छोटी सी खरोंच या छाला भी तेज़ी से गंभीर समस्या बन सकता है.
नमी, पसीना, स्कैल्प का ऑयली होना, गीले बाल, डैंड्रफ का बढ़ना और बालों का कमज़ोर होना।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में राज्यभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की जब्ती नहीं, बल्कि राजस्थान को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य भी है।
आपकी रोज़मर्रा की गतिविधियां भी आपके दांतों की सेहत पर उतना ही असर डाल सकती हैं, जितना कि ये बुनियादी आदतें।
विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से डायरिया को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते मुख्य चिकित्सा
मलेरिया, प्लाज़्मोडियम पैरासाइट से होने वाली बीमारी है और यह संक्रमित मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलती है।
मुंबई में मधुमेह की बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब बच्चे भी टाइप-1 डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। हर वर्ष करीब 19 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। मुंबई के वाडिया अस्पताल में 1,300 से अधिक टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है।
डॉक्टर समय पर डॉक्टरी सलाह लेने की सलाह देते हैं।
यह वैक्सीन 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए मंज़ूर है और इसे उन लोगों को भी दिया जा सकता है जिन्हें पहले डेंगू हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर, टाइफाइड, दस्त, उल्टी और जलजनित बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं, ओआरएस, जीवनरक्षक दवाएं, जांच किट और आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
एक पौष्टिक नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर का सही संतुलन होना चाहिए।
राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची के न्यू अकादमिक ब्लॉक के पांचवें तल्ले पर स्थित योग लैब का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। डॉ पियूष ने प्रतिभागियों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
बहुत से लोग UV किरणों के संपर्क में आने को बीच की छुट्टियों या गर्मियों की दोपहर से जोड़कर देखते हैं।
कंपनी ने बुधवार को Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च किया।
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने बुधवार को दो जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक कर गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दी है। दोनों ऑपरेशन विभागाध्यक्ष डॉ अजीत कुशवाहा और डॉ रोहित झा के नेतृत्व में किए गए।
लिवर पर्दे के पीछे चुपचाप काम करता है, इसलिए अक्सर उन रोज़मर्रा की आदतों पर ध्यान नहीं जाता जो धीरे-धीरे इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं।
डॉक्टर छोटे-छोटे बदलावों पर ज़ोर देते हैं जिन्हें लगभग कोई भी अपना सकता है।
नीचे बारिश के मौसम में आमतौर पर बढ़ने वाली सात बीमारियों का ज़िक्र किया गया है, जिसके बारे में जान के आप उससे आसानी से बचाव कर सकते हैं।
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, ज़्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स, जैसे सोडा, से बचना चाहिए।
जब कोर्टिसोल का लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो इससे नींद, पाचन, एनर्जी लेवल, स्किन की सेहत और हार्मोनल बैलेंस पर असर पड़ सकता है।
बालासन, या बाल आसन, लगभग हर योगासन में शामिल होता है, और इसके पीछे एक कारण है।
बासी और लंबे समय तक रखे गए खाने के बजाय ताज़ा खाना खाने की सलाह दी जाती है।
सुबह की आपकी कॉफ़ी सिर्फ़ आपको जगाने से कहीं ज़्यादा काम कर सकती है।
एक्सपर्ट्स की माने तो मानसून के दौरान इन्फ्लूएंजा जैसी मौसमी बीमारियां होने लगती हैं।
एक संतुलित नाश्ता पाचन में मदद कर सकता है, एनर्जी लेवल बनाए रख सकता है और आपको पूरे दिन तरोताज़ा रहने में मदद कर सकता है।
जो लक्षण शुरू में मामूली लगते हैं, वे कभी-कभी ऐसी समस्याओं का संकेत हो सकते हैं जिनके लिए चिकित्सकीय ध्यान की आवश्यकता होती है।
पुदीना एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है जो गर्मियों के मौसम में गैस, अपच, अम्लता और पेट संबंधी अन्य समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक है। इसके प्राकृतिक गुण पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह बातें गुरुवार को आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. एस.एस. गौरी ने कहीं।
यह आर्टिकल आपको ये बताएगा की सुबह सुबह खाली पेट आपको क्या नहीं खाना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती समस्या हाल के वर्षों में आधुनिक कार्य संस्कृति के विकास के तरीके से निकटता से जुड़ी हुई है।
इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए युगांडा ने पड़ोसी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के साथ अपनी सीमा तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया है। सरकार ने कहा है कि संक्रमण को सीमापार फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
राजस्थान में भीषण गर्मी से फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के सभी शहरों का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। हालांकि बीकानेर, चूरू, फलोदी और चित्तौड़गढ़ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। लगातार दो दिन सबसे गर्म रहे श्रीगंगानगर में शनिवार सुबह
वास्तव में शरीर को जितनी प्रोटीन की आवश्यकता होती है, उससे कहीं कम प्रोटीन का सेवन होता है।
मध्य अफ्रीका में इबोला की स्थिति को देखते हुए केन्द्र सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की स्थिति पर नजर है
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड के राज्य आईईसी कोषांग की ओर से गुरुवार को एनीमिया उन्मूलन के लिए विकसित एएमबी टी-4 मोबाइल ऐप के सफल क्रियान्वयन को लेकर नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय में ऑनलाइन बैठक हुई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि क्रूज जहाज पर फैले घातक हंटावायरस संक्रमण में मरीज लक्षण दिखाई देने के शुरुआती समय में सबसे अधिक संक्रामक होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसी वजह से संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने की सिफारिश की है।
जानकारी के अनुसार हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित कृन्तकों या उनके मल-मूत्र, जैसे लार, मूत्र और मल के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है.





















































