यह केंद्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक यूरेनियम उत्पादन संयंत्र है।
ट्रंप ने कहा है कि ईरान को एक ही रात (मंगलवार रात) में पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.
ट्रम्प ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमानों पर बेहद करीब से फायरिंग की गई.
अमेरिका-इजराइल का ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू किया एकीकृत सैन्य अभियान दिन गुजरने के साथ-साथ डरावना होता जा रहा है। ईरान ने दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों पर हमले शुरू कर दिए हैं। यह युद्ध आज सुबह 39वें दिन में प्रवेश कर गया।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका इन देशों की सुरक्षा के लिए बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि जापान में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो उसे किम जोंग उन के नेतृत्व वाले नॉर्थ कोरिया से सुरक्षा प्रदान करते हैं। वहीं साउथ कोरिया में भी लगभग 45,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने बताया कि इस अभियान में करीब 200 सैनिकों को तैनात किया गया और 21 सैन्य विमान दुश्मन के एयरस्पेस में भेजे गए। उनके मुताबिक, पायलट ईरान के क्षेत्र में गिरा था और बेहद खतरनाक हालात में उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सैस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझाने की जरूरत पर जोर दिया.
नेपाल में आज (6 अप्रैल) से सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक निकायों में नई समय सारिणी लागू हो गई। अब कार्यालय सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुलेंगे। मंत्रिपरिषद ने रविवार को यह फैसला किया था। इससे शैक्षणिक संस्थानों का बाहर रखा गया है।
युद्ध की लपटों से झुलसे मध्य पूर्व का आसमान आशंकाओं के बादलों से अट गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ( होर्मुज जलडमरूमध्य) को मंगलवार तक खोलने की समय सीमा तय करने की चेतावनी को ईरान ने पूरी दृढ़ता से खारिज कर दिया। तेहरान ने अल्टीमेटम को ठुकराते हुए को ट्रंप को 'बेबस' और 'घबराया' हुआ बताया।
अमेरिका में ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान की कड़ी आलोचना करते हुए उसे “खतरनाक और असंतुलित” करार दिया है।
ईरान 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के साथ छिड़े युद्ध में बहुत कुछ खोने के बावजूद दुश्मन को नाकों चने चबवा रहा है। राजधानी तेहरान के पश्चिम में स्थित करज में गुरुवार को महत्वपूर्ण पुल पर किए गए हमले के बाद ईरान ने शुक्रवार को एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया।
ईरान 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के साथ छिड़े युद्ध में बहुत कुछ खोने के बावजूद दुश्मन को नाकों चने चबवा रहा है। राजधानी तेहरान के पश्चिम में स्थित करज में गुरुवार को महत्वपूर्ण पुल पर किए गए हमले के बाद ईरान आक्रामक हो गया है। उसने आज तड़के इजराइल के तीन शहरों पर हवाई हमला किया है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची दोपहर 2:30 बजे प्रकाशित की जाएगी.
हर पल बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने अरब देशों से अपने नागरिकों को निकालने के लिए परामर्श जारी किया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के हमले को ईरान और उसके सहयोगियों की लगभग आधी सदी से की जा रही हिंसा का बदला बताया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन से कुछ देर पहले ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हमला किया। ईरान ने यूएई में मिसाइल और ड्रोन की बौछार कर दी। इसकी पुष्टि यूएई के रक्षा मंत्रालय ने की।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह उसके नौसैनिक नियंत्रण में है। आईआरजीसी ने इस क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन अभियानों की एक श्रृंखला का भी विवरण दिया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान, अमेरिका-इज़रायल के साथ जारी संघर्ष को लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार है। तेहरान कम-से-कम छह महीने तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है और अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
र्किए की समाचार संस्था अनाडाेलू एजेंसी (एए) के अनुसार, इजराइली सेना ने बुधवार तड़के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्से स्थित दहिये जिले पर हवाई हमला किया। जिसकी धमाकों की आवाजें लेबनान की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सुनाई दीं। जिस जगह पर हमला हुआ था, वहां से धुआं उठता हुआ देखा गया।
क्रीमिया में रूसी एएन-26 सैन्य परिवहन विमान एक चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान सवार 29 लोगों की मौत हो गई। इनमें 23 यात्री और छह क्रू सदस्य शामिल हैं।
कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार को बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया। इससे फ्यूल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
व्हाइट हाउस ने आज घोषणा की है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कल राष्ट्र को संबोधित करेंगे। वह ईरान के संबंध में देश को महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच व्हाइट हाउस की इस घोषणा से यह साफ है कि ट्रंप कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
जोरदार धमाकों और आग की लपटों से मंगलवार सुबह तक आसमान में दहशत रोशन रही.
दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का सोमवार को अचानक निधन हो गया.
लीबिया से ग्रीस जा रही प्रवासियों की नाव समुद्र में रास्ता भटक गई.
नेपाल सरकार ने सभी प्रकार के सट्टेबाजी (बेटिंग) ऐप और वेबसाइटों को बंद करने का निर्देश दिया है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में चल रहे सैन्य अभियान के बीच बड़ा फैसला लेते हुए सेना को “सुरक्षा क्षेत्र” (सिक्योरिटी जोन) और विस्तार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और संभावित हमलों के खतरे को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
नेपाल सरकार ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित प्रवेश परीक्षा तैयारी कक्षाओं और ब्रिज कोर्स कराने वाले कोचिंग सेंटर को 15 दिनों के भीतर पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है।
सीरिया के उत्तर-पूर्वी हसाका प्रांत में ड्रोन हमले के बाद एक गेहूं गोदाम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थानीय स्तर पर खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना एक अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास हुई, जिसे कथित तौर पर निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
ईरान दावा किया है कि उसने पूर्वी जॉर्डन में स्थित अजराक एयर बेस पर ड्रोन हमला कर अमेरिकी सैन्य उपकरणों और ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में लॉजिस्टिक्स गोदामों और सैनिकों के ठहरने वाले क्षेत्रों को टारगेट किया गया, जो क्षेत्र में अमेरिकी अभियानों के लिए अहम केंद्र माने जाते हैं।
अफगानिस्तान के विदेशमंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने कहा है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को बातचीत और आपसी समझ के जरिए हल करने का इच्छुक है। अफगान विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, मुत्ताकी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री
ईरान की राजधानी तेहरान में आज सुबह एक साथ कई धमाके हुए हैं। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी। उधर, इराक के कुर्द इलाके में हमलों में तेजी से चिंता बढ़ गई है। अमेरिका-इजराइल
ईरान ने बहरीन के एक एल्युमिनियम प्लांट पर हमला किया है। हमले में प्लांट के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ली है। यह औद्योगिक प्लांट बहरीन की प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) का है।
ईरान ने मध्य पूर्व स्थित इजराइली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले करने की धमकी दी है। उधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। ईरान ने कहा है कि इजराइल और अमेरिका देश पर लगातार हमले कर रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी मीडिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान टाइम्स ने अपने फ्रंट पेज पर ‘नरक में स्वागत है’ शीर्षक के साथ एक तीखा संदेश प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुङ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी बदले की कार्रवाई नहीं है। सुदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यह कदम न्याय की शुरुआत का संकेत है।
इजराइल के शनिवार सुबह ईरान के नागरिक और परमाणु ठिकानों पर हमले पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने कहा कि इजराइल आग से खेल रहा है। उसे इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी।
ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका के छह सामरिक जहाजों को निशाना बनाया है। दावा किया गया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। ईरान ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और कद्र 380 क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया।
नेपाल में बालेन्द्र सरकार शपथ ग्रहण के साथ पहले ही दिन से एक्शन में आ गई है। शपथग्रहण को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए कि जेन जी प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों की हत्या के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह आज नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त हो गए हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने उन्हें प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त होने की जानकारी दी है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाल के संविधान की धारा 76 की उपधारा 1 के अनुसार आरएसपी के एकल बहुमत के आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।






















































