देशभर में आज ट्रेड यूनियनों की हड़ताल… महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रभावित होने की संभावना

चेन्नई,  केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में, देशभर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे की ओर से आज (12 फरवरी) हड़ताल आयोजित की जा रही है। इस हड़ताल में बैंक कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों सहित लगभग 30 करोड़ श्रमिकों के भाग लेने की उम्मीद है, जिसके कारण आज कई सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) की ट्रेड यूनियन ने भी इस राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का समर्थन किया है। इसके चलते आज राज्यभर में सरकारी बस सेवाएँ सीमित संख्या में ही चलने की संभावना जताई जा रही है।

चार श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग:

आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, यूटीयूसी सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे की ओर से यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

इन यूनियनों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

चार श्रम कानूनों को रद्द किया जाए

प्रस्तावित बीज विधेयक वापस लिया जाए

विद्युत संशोधन विधेयक को वापस लिया जाए

परमाणु ऊर्जा उत्पादन में निजी कंपनियों को अनुमति देने वाले विधेयक को निरस्त किया जाए

30 करोड़ श्रमिकों की भागीदारी:

इस संबंध में एआईटीयूसी की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रमिक-विरोधी, किसान-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए यह देशव्यापी हड़ताल की जा रही है।

उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, गैस, पेयजल आपूर्ति सहित विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में भाग लेंगे। इसके कारण इन क्षेत्रों से जुड़ी सेवाएँ प्रभावित होंगी।

बड़ी संख्या में कर्मचारी होंगे शामिल:

बैंक कर्मचारी पहले ही 27 जनवरी को हड़ताल कर चुके हैं, और वर्तमान हड़ताल में केवल कुछ बैंक कर्मचारी संघ ही भाग ले रहे हैं।

खनन और गैस पाइपलाइन क्षेत्रों में इस हड़ताल का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति के विरोध में उस क्षेत्र के कर्मचारी भी इस हड़ताल में भाग ले रहे हैं।

परिवहन क्षेत्र में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारी बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने वाले हैं, जिससे परिवहन सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।