उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी जिले के गंगा गोमती संगम तट पर कैथी (चौबेपुर थाना क्षेत्र) स्थित मार्कंडेय महादेव धाम के गर्भगृह और अरघे में मिट्टी और प्लास्टिक के जल पात्र छोड़ देने की दूषित परम्परा के खिलाफ शनिवार को बच्चों ने जन चेतना रैली निकाली। सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के
श्री श्याम मित्र मंडल की ओर से हरमू रोड के श्री श्याम मंदिर में मंगलवार को 204 वां श्री सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ का आयोजन किया गया। राम सिया राम सिया राम जय जय राम...के गायन और बजरंग बली के जय जयकारों से हरमू रोड का श्री श्याम मंदिर गूंज रहा था।
उत्तराखंड सरकार ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने हेतु निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मात्र 16 दिनों में ही 10 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं।
श्री भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति वृंदावन के तत्वावधान में निकाली जा रही भगवान परशुराम शोभायात्रा में धर्म एवं समाजसेवा से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की सहभागिता देखने को मिली। शुक्रवार देर सायं शोभायात्रा में भगवान परशुराम शोभायात्रा
बैंड बैंड,बाजा,बारात,विवाह तिलक उत्सव आदि की धूम पर जल्द विराम लगने वाला है।
आयोजन में भक्ति संगीत, स्तुति गान और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी जो वातावरण को पूरी तरह शिवमय बनाएगी। जिला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक उत्सव को सामूहिक रूप से मनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया है।
वट सावित्री व्रत करने से व्रत रखने वाली महिलाओं को शाश्वत सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्री शिवाला सेवा समिति, रांची के तत्वावधान में कांके के सुकुरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन बुधवार को गहन आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा स्थल पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
उदयतिथि के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, 2026 को रखा जाएगा।
यह गौतम बुद्ध के जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है, और कई लोगों के लिए यह उत्सव से अधिक चिंतन का समय है.
जशपुर रोड स्थित श्री साईधाम,करौंदी का वार्षिकोत्सव गुरुवार काे धूमधाम से मनाया गया। पुरोहित की ओर से बाबा की विशेष पूजा- अर्चना कराई गई। अनुष्ठान में यजमान की भूमिका दुनिया सिंह और उनकी धर्मपत्नी कृष्णा ने निभाई। इसके बाद आयोजित विशाल भंडारा
पश्चिम बंगाल के समुद्री पर्यटन स्थल स्थित दीघा जगन्नाथ मंदिर में पहली वर्षगांठ से पहले ही रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। मंदिर के उद्घाटन के बाद से अब तक लगभग एक करोड़ 33 लाख से अधिक भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।
अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के तहत रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मां विंध्यवासिनी धाम स्थित शिव मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की वार्षिक यात्रा के तहत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली रविवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद धाम के लिए रवाना हो गई। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली के प्रस्थान के साथ ही क्षेत्र 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा।
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को मां गंगा के जयकारों के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के साक्षी बने सैकड़ों लोगों ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पूजा के क्रम में रात्रि 12 बजे से बली की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। अगले दिन 17 अप्रैल को महाभोग प्रसाद का वितरण किया जाएगा, जबकि शाम में प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में आकर्षक भीड़ उमड़ने की संभावना है।
श्री महावीर मंडल रांची महानगर की ओर से रामनवमी महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित झांकी और ताशा प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी महानगर मंडल के प्रवक्ता बादल सिंह ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा-2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए अब तक कुल 14,54,897 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें केदारनाथ धाम के लिए सर्वाधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
उप्र के मीरजापुर में अदलपुरा स्थित बड़ी मां शीतला धाम में रविवार रात आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब काशी से हजारों की संख्या में भगत “बधावा” लेकर मां के दरबार पहुंचे। रात 11 बजे से लेकर भोर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर और घाट तक लगी रहीं।
विश्व संवाद केंद्र, जयपुर की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले देवर्षि नारद पत्रकारिता सम्मान 2026 के लिए इस वर्ष भी प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट और समाजहित में किए गए कार्यों के लिए चयनित पत्रकारों को देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।
मेसरा बस्ती में इस वर्ष भी 16 अप्रैल को मां रक्षा काली पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। शेखर परिवार की कुलदेवी के रूप में शुरू हुई यह परंपरा पिछले 163 वर्षों से निरंतर जारी है।
रांची के अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मन्दिर में रविवार को कामदा एकादशी उत्सव अत्यंत श्रद्धा भाव के वातावरण में आयोजित किया गया ।
इस अवसर पर देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। किशनगंज सहित देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विशेष प्रार्थनाएं कर सुख-समृद्धि की कामना की। महानवमी के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं
उपराजधानी दुमका सहित जिले के ग्रामीण इलाकों में रामनवमी के त्योहार मनाने की व्यापक तैयारी की गई है। दुमका सहित सभी जगहों में रामनवमी शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर सभी जगहों पर बजरंगबली के मंदिर की साफ-सफाई
धनबाद कोयलांचल में चैती महादुर्गा पूजा पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और हर कोई मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने पहुंच रहा है। इसी कड़ी में झगराही गांव अपनी 350 साल पुरानी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है।
लोक आस्था और सूर्य उपासना का महान पर्व चैती छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाला यह कठिन व्रत प्रकृति, शुद्धता और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है
चैत्र शुक्ल तृतीया शनिवार को विभिन्न शुभ योग में सुहाग पर्व गणगौर धूमधाम से मनाया जाएगा। शाम को सिटी पैलेस के जनानी ड्योढ़ी से गणगौर की शाही सवारी निकलेगी। शाही ठाठबाट के साथ निकलने वाली गणगौर माता की सवारी के दौरान लोकरंग भी बिखरेंगे।
एसएसबी 56 वीं वाहिनी बथनाहा मुख्यालय में हिंदू नव वर्ष एवं नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार को मंदिर में विधिवत पूजा एवं कलश स्थापना की गई।
दौल (होली) महोत्सव को लेकर सत्र नगरी (मठ) बरपेटा में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस बार बरपेटा सत्र में श्री कृष्ण के इस दौल यात्रा महोत्सव का पांच दिवसीय आयोजन किया गया है। 2 मार्च को गंध यात्रा से महोत्सव की शुरुआत हुई। गंध उत्सव के अवसर पर सोमवार को सत्र के मणिकूट गृह
03 मार्च क़ो ही खग्रास चंद्रग्रहण संध्या बेला में 05.50 से 06.46 तक रहेगा.
इन दिनों शुभ कार्यों को स्थगित करने की सलाह दी जाती है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों का प्रभाव काफी प्रबल होता है.
महाशिवरात्रि के पूर्व विजया एकादशी पर शुक्रवार शाम श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव की रस्मों में हल्दी लगाने की परम्परा निभाई गई। विवाह के सगुन की हल्दी जब बाबा विश्वनाथ के रजत विग्रह को लगाई गई तो माहौल शिवमय हो गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के टेढ़ीनीम स्थित आवास पर दुल्हा बने
योगियों के चार संप्रदायों सन्यासी, वैष्णव, नानक और उदासी में नागा बाबा सन्यासी परंपरा से संबंधित होते हैं.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष भेंट अर्पित की गई। ‘पुत्र’ सिद्धिविनायक धाम से ‘पिता’ श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में फल, पुष्प एवं पूजनीय सामग्री श्रद्धापूर्वक भेजी गई।
एकादशी 12 फरवरी को दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी को दोपहर 2:25 बजे समाप्त होगी.
दो मार्च को शाम 5.18 बजे पूर्णिमा प्रवेश करेगी, जो तीन मार्च को शाम 4.33 बजे तक रहेगी.
भविष्य पुराण और पद्म पुराण जैसे ग्रंथों में बार-बार मिलता है.
हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से रामेश्वरम भी एक है। यहां आडी अमावस्या, थाई अमावस्या और महालय अमावस्या के दिन अग्नि तीर्थ समुद्र में पवित्र स्नान कर अपने पितरों को तिथि अर्पित करने की परंपरा है। आज थाई अमावस्या के दिन तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से आधी रात से ही हजारों वाहन और सरकारी बसों के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामेश्वरम पहुंचे।
माघ मास की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के रूप में सनातनी मानते आए इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं तथा मौन व्रत का पालन कर आत्म-चिंतन और साधना में लीन रहते हैं। पंचांग के अनुसार इस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार 18 जनवरी को मनाई जाएगी।
23 जनवरी को सुबह से शाम तक माता की स्थापना और पूजा होगी.






















































