महाशिवरात्रि के पूर्व विजया एकादशी पर शुक्रवार शाम श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव की रस्मों में हल्दी लगाने की परम्परा निभाई गई। विवाह के सगुन की हल्दी जब बाबा विश्वनाथ के रजत विग्रह को लगाई गई तो माहौल शिवमय हो गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के टेढ़ीनीम स्थित आवास पर दुल्हा बने
योगियों के चार संप्रदायों सन्यासी, वैष्णव, नानक और उदासी में नागा बाबा सन्यासी परंपरा से संबंधित होते हैं.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष भेंट अर्पित की गई। ‘पुत्र’ सिद्धिविनायक धाम से ‘पिता’ श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में फल, पुष्प एवं पूजनीय सामग्री श्रद्धापूर्वक भेजी गई।
एकादशी 12 फरवरी को दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी को दोपहर 2:25 बजे समाप्त होगी.
दो मार्च को शाम 5.18 बजे पूर्णिमा प्रवेश करेगी, जो तीन मार्च को शाम 4.33 बजे तक रहेगी.
भविष्य पुराण और पद्म पुराण जैसे ग्रंथों में बार-बार मिलता है.
हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से रामेश्वरम भी एक है। यहां आडी अमावस्या, थाई अमावस्या और महालय अमावस्या के दिन अग्नि तीर्थ समुद्र में पवित्र स्नान कर अपने पितरों को तिथि अर्पित करने की परंपरा है। आज थाई अमावस्या के दिन तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से आधी रात से ही हजारों वाहन और सरकारी बसों के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामेश्वरम पहुंचे।
माघ मास की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के रूप में सनातनी मानते आए इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं तथा मौन व्रत का पालन कर आत्म-चिंतन और साधना में लीन रहते हैं। पंचांग के अनुसार इस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार 18 जनवरी को मनाई जाएगी।
23 जनवरी को सुबह से शाम तक माता की स्थापना और पूजा होगी.
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी)में मकर संक्रांति पर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को भी बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। दशाश्वमेध और आसपास के घाटों पर पवित्र गंगा
ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान व फाउंडेशन डॉ रहमान चौक सहरसा के संस्थापक एवं प्रसिद्ध व चर्चित ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बतलाया कि माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व है
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में मां विंध्यवासिनी धाम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। परंपरा के अनुरूप श्री विंध्य पंडा समाज की ओर से मां को 21 कुंतल खिचड़ी का महाभोग अर्पित किया गया।
उत्तराखंड कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम मंदिर की विशिष्ट पहचान है। यहां की पूजा परंपराएं भी अनूठी हैं। मकर संक्रांति पर आज भगवान शिव को घृत गुफा में स्थापित किया गया।
तमिलों का प्रमुख पर्व पोंगल पूरे तमिलनाडु में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी घरों में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है। पोंगल के लिए 14 जनवरी से 18 जनवरी तक स्कूल और कॉलेजों में 5 दिनों की छुट्टी घोषित की गई है।
माघ मेले के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्वालुओं का रेला लगा हुआ है। सुबह 8 बजे तक 21 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी घाटों की
जमशेदपुर शहर में बुधवार को षटतिला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला.
मकर संक्रांति पर गंगासागर में आज सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। त्रेता युग में स्वर्ग से उतरी गंगा ने सागर तट पर स्थित कपिल मुनि के आश्रम के पास भस्म हुए राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को स्पर्श कर जिस शुभ मुहूर्त में मोक्ष दिया था, उसी शुभ मुहूर्त में सदियों से गंगासागर स्नान की परंपरा है।
यह अनुष्ठान सादगीपूर्ण और लगभग शांत होता है. लोग आग के चारों ओर घूमते हैं और सुख-समृद्धि के लिए सरल प्रार्थना करते हैं.
कुछ लोगों का मानना है कि मकर संक्रांति 14 जनवरी, 2026 को होगी, जबकि कुछ अन्य लोगों का मानना है कि यह 15 जनवरी, 2026 को होगी
इस व्रत के दौरान महिलाएं सकट कथा सुनती हैं और शाम को भगवान गणेश की पूजा के लिए अनुष्ठान करती हैं.
ये दिन एकादशी व्रत रखने वालों के लिए व्रत रखने और भगवान विष्णु से अपना संबंध मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर होंगे.
वर्ष के दो दिन तुलसी पूजा के लिए विशेष महत्व रखते हैं: तुलसी विवाह और तुलसी पूजा दिवस.
उत्सव के तहत सुबह से अय्यरगल मंडप के समीप विशेष पूजा, होम-हवन और भक्ति कार्यक्रम संपन्न किए गए.
हिंदू संस्कृति और रीति-रिवाजों के अनुसार, एकादशी व्रत रखना अत्यंत शुभ माना जाता है.
मेन रोड गुरुद्वारा से 15 दिसंबर से 22 दिसंबर तक सुबह 4.30 बजे से प्रभात फेरी निकालने का फैसला लिया गया.
शादी-विवाह, गृह प्रव्श और मुंडन जैसे सभी शुभ कार्यों पर एक महीने के लिए रोक लग जाएगी.
रांची पहाड़ी बाबा का तिलकोत्सव 23 जनवरी को मनाया जाएगा.
इस महीने पूज-पाठ, हवन, सत्संग और दान करना का अलग महत्त्व हैं.
पांडुकेश्वर से कल यानी 27 नवंबर को शंकराचार्य जी की गद्दी ज्योर्तिमठ के लिए प्रस्थान करेंगी.
इस वर्ष विवाह पंचमी मंगलवार, 25 नवंबर को मनाई जाएगी.
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा में 'हिंद की चादर' यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पानीपत जिले के इसराना साहिब गुरुद्वारा से एक विशेष यात्रा को एसडीएम नवदीप सिंह नैन और संत श्री राजेंद्र सिंह ने रवाना किया।
पद्म पुराण, स्कंद पुराण और नारद पुराण के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की अमावस्या आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली अमावस्या है.
त्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडि
सनातन संस्कृति के संरक्षण - संवर्धन तथा उसके गौरवपूर्ण, मूल्यनिष्ठ और अनंत इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि भारत के प्रत्येक सनातनी के मन में अपने धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं संवेदनाएं जागृत हों। सनातन संस्कृति शाश्वत, समावेशी, समग्र और प्रकृति के अनुकूल संस्कृति है। यह बातें नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 'ओम् सनातन न्यास
शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए सबसे खास होता है। इस दिन आप साढेसाती की विशेष पूजा भी करा सकती हैं। इससे आपके जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं। इसके लिए आप पंडित जी के बताए गए चौघड़िया मुहूर्त का ध्यान रखें, ताकि किसी तरह की समस्या न हो।
15 नवंबर 2025 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार उत्पन्ना एकादशी व्रत के कारण बेहद खास और पवित्र है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और इसी दिन माता एकादशी का अवतरण हुआ था। इसलिए यह व्रत एकादशी के व्रतों की शुरुआत के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, अगहन (मार्गशीर्ष) माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 15 नवंबर को प्रातः 12:49 बजे से प्रारंभ होगी.
देवांगन परिवार द्वारा अन्नपूर्णा सदन, देवांगन चौक, हटकेशर में संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर प्रवचनकर्ता आचार्य टीकम शरण महाराज ग्राम हरदी छुरा, जिला गरियाबंद ने भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। भगवान शंकर भोले हैं
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी)में सोमवार से मां अन्नपूर्णा का 17 दिवसीय महाव्रत अनुष्ठान शुरू हो गया। महाव्रत का समापन मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 26 नवंबर को होगा। 27 नवंबर को माता के दरबार को धान के नये बालियों से सजाया जाएगा। अगले दिन 28 नवंबर को प्रसाद स्वरूप धान की बाली आम भक्तों में वितरित की जाएगी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक-मार्गशीर्ष (अगहन) माह की तीसरी सवारी आज सोमवार सायं 04 बजे निकलेगी। सवारी निकलने के पूर्व भगवान श्री महाकालेश्वर के श्री चन्द्रमौलीश्वर स्वरूप का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पूजन उपरांत भगवान श्री चन्द्रमौलीश्वर रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर प्रजा का हॉल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे।






















































