नासा बड़ी उड़ान की तैयारी में, आर्टेमिस-2 रचेगा इतिहास
रांची (RANCHI): अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रबंधन' (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) यानी नासा मनुष्य को पृथ्वी की कक्षा से बाहर ले जाने की अंतिम तैयारी में जुटा हुआ है. नासा वैज्ञानिकों की पूरी कोशिश है कि आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग फरवरी के पहले सप्ताह हो जाए. अगर फरवरी में यह संभव नहीं हो पाया तो इसे अप्रैल में हर हाल में लक्ष्य पर भेजा जाएगा. नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया है कि आर्टेमिस-2 अंतरिक्ष यात्रियों को पहले से कहीं ज्यादा दूर भेजने से बस कुछ ही हफ्ते दूर है.
आर्टेमिस-2 चंद्रमा पर एक स्थायी मौजूदगी बनाने: जेरेड
नासा के प्रशासक जेरेड आइजकमैन ने कहा, "आर्टेमिस-2 इंसान की अंतरिक्ष उड़ान की दिशा में अब तक सबसे बड़ा कदम होगा. यह ऐतिहासिक मिशन इंसान को पृथ्वी से पहले से कहीं अधिक दूर भेजेगा और हमें चंद्रमा पर लौटने के लिए जरूरी जानकारी देगा. यह सब अमेरिका की अगुवाई में होगा." उन्होंने कहा कि आर्टेमिस-2 चंद्रमा पर एक स्थायी मौजूदगी बनाने और अमेरिकियों को मंगल पर भेजने की दिशा में प्रगति को दर्शाता है.
पृथ्वी से 41,541 मील दूर है चंद्रमा
नासा की वेबसाइट के अनुसार, चंद्रमा पृथ्वी से 41,541 मील दूर है. मगर यह दूरी नासा के आगामी मिशन आर्टेमिस-2 के लिए एक पड़ाव भर है. यह मिशन अपोलो कार्यक्रम के बाद पहली बार इंसान को पृथ्वी की कक्षा से बाहर, चांद के चारों ओर और उससे भी आगे ले जाएगा. आर्टेमिस-2 के कमांडर रीड विसमैन हैं. उनके तीन सहयोगी हैं-पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसन.















