भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने वाले महान संन्यासी, दार्शनिक और विचारक स्वामी विवेकानंद का निधन 04 जुलाई 1902 को हुआ था। मात्र 39 वर्ष की आयु में उन्होंने बेलूर मठ में महासमाधि ली, लेकिन उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।