टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का लाइव प्रदर्शन भी करना होगा, जिसमें तकनीक, स्केलेबिलिटी, जोखिम प्रबंधन और प्रोटोटाइप का मूल्यांकन किया जाएगा। तकनीकी रूप से सफल बोलीदाताओं की वित्तीय बोलियों पर ही विचार होगा। ऑनलाइन बोलियां पांच अगस्त तक जमा की जा सकेंगी।