भारतीय सिविल सेवा परीक्षा की वर्तमान संरचना में औपनिवेशिक प्रशासनिक व्यवस्था की ऐतिहासिक छाप दिखाई देती है। व्यापक सामान्य ज्ञान, अत्यधिक विस्तृत पाठ्यक्रम, स्मृति-आधारित तैयारी और वर्णनात्मक उत्तर लेखन पर निर्भरता इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। यह व्यवस्था उस समय की प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए उपयोगी रही होगी