आईसीएआर-एनएमआरआई के बीच हुआ एमओयू, झारखंड में मांस प्रसंस्करण को मिलेगा बढ़ावा
रांची, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में गुरुवार को झारखंड विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय मांस और पॉल्ट्री अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एनएमआरआई), हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहयोग विभाग, झारखंड सरकार के बीच रांची स्थित बेकन फैक्टरी के पुनरुद्धार और झारखंड में मांस प्रसंस्करण क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए परामर्श सेवाओं के लिए आयोजित एक सहमति पत्र (एमओयू) हस्ताक्षर कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हस्ताक्षरित यह ऐतिहासिक समझौता झारखंड में पशुपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य की मांस प्रसंस्करण क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू राज्य सरकार द्वारा संचालित पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को मजबूत करने एवं राज्य के पशुधन क्षेत्र में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
आईसीएआर-एनएमआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने कहा कि यह सहयोग आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और वैज्ञानिक प्रथाओं को पेश करके झारखंड के मीट क्षेत्र को बदलने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
मौके पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बेकन फैक्ट्री का पुनरुद्धार राज्य में मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा, जिससे किसानों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं सभी को लाभ होगा। आईसीएआर-एनएमआरआई के साथ हमारा सहयोग तकनीकी उत्कृष्टता और स्थानीय विकास के बीच एक आदर्श संतुलन है।
एमओयू के मुख्य उद्देश्य
- रांची में बेकन फैक्टरी के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार के लिए तकनीकी विशेषज्ञता।
-झारखंड में व्यापक मांस प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे का विकास
-मांस प्रसंस्करण में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का कार्यान्वयन।
-मीट क्षेत्र में स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए क्षमता निर्माण।
-मांस प्रसंस्करण क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स के लिए प्रशिक्षण केंद्र की संभावना का निर्धारण।
-पूरे राज्य में वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा देना।
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी, निदेशक पशुपालन आदित्य कुमार आनंद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।














