महुआ मोइत्रा के बयान पर शुभेंदु अधिकारी की कड़ी प्रतिक्रिया, तृणमूल पर विभाजन की राजनीति का आरोप
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तृणमूल कांग्रेस और
उसकी सांसद महुआ मोइत्रा की कड़ी आलोचना की।
अधिकारी ने अपने पोस्ट
में आरोप लगाया कि तृणमूल की राजनीति अब “नफरत फैलाने और समाज को बांटने”
के निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा ने न केवल
गुजराती समाज का अपमान किया है, बल्कि भारत की आत्मा को भी आहत किया है।
उन्होंने
कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में गुजरात वासियों के योगदान पर सवाल उठाना
केवल एक राज्य या समुदाय का अपमान नहीं, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार
वल्लभ भाई पटेल की विरासत पर सीधा प्रहार है। सरदार पटेल की भूमिका का
उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दृढ़ता और दूरदृष्टि के बिना 562
रियासतों का एकीकरण संभव नहीं होता और अखंड भारत का निर्माण नहीं हो पाता।
उन्होंने
तृणमूल पर “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि
भारतीय जनता पार्टी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के सिद्धांत में विश्वास करती
है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बंगाली और गुजराती सहित
सभी समुदायों के लोग एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे और उनकी पहचान
केवल ‘भारतीय’ थी।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल अपनी “राजनीतिक
जमीन खिसकने” के कारण समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने बंगाल को “भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज”
का केंद्र बना दिया है, उन्हें देशभक्ति पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं
है।
अपने पोस्ट में उन्होंने भवानीपुर में रहने वाले गुजराती
समुदाय से अपील की कि वे इस बयान को गंभीरता से लें। साथ ही उन्होंने
आश्वस्त किया कि बंगाली समाज हर भारतीय समुदाय—चाहे वह मारवाड़ी हो, बिहारी
हो या पंजाबी—को अपना मानता है और इस तरह की टिप्पणियां इस भावना को बदल
नहीं सकतीं।















