टांडाबाड़ी में भू-धसान से तीन घर जमींदोज, तीन की मौत
धनबाद, शहर के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडाबाड़ी बस्ती
में मंगलवार को अचानक भूमि धंसने से बड़ा हादसा हो गया। भू-धसान की चपेट
में आकर तीन घर पूरी तरह जमींदोज हो गए और आसपास की जमीन में चौड़ी दरारें
उभर आईं। वहीं इस घटना में एक ही घर मे बैठे तीन लोग जमींदोज होने से उनकी
मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
घटना
के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर रात को जमीन से तीन शव बाहर
निकाल पोस्टमार्टम के लिए धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच भेज दिया गया। इधर,
घटनास्थल पर जमीन के अंदर से लगातार गैस रिसाव शुरू हो गया है, जो लगभग 35
मीटर दायरे में फैल गया है। गैस की तेज गंध और बढ़ते दबाव को देखते हुए
बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने इलाके को डेंजर जोन घोषित कर घेराबंदी कर दी
है। साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजते हुए पास के
सरकारी स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है।
इधर, बाघमारा अंचल
अधिकारी गिरजानंद किस्कू ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का
लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ऐसी
दुर्घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर ठोस कदम
उठाए जा रहे हैं।
वहीं बीसीसीएल के जीएम सेफ्टी संजय सिंह ने बताया
कि जिस स्थान पर घटना हुई है उसे पूरी तरह सील कर डेंजर जोन घोषित कर दिया
गया है और क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माहौल शांत
होने पर जेसीबी के जरिए आगे की तकनीकी कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा को
लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि घटनास्थल के आस
पास वर्ष 1972-73 से काफी पहले अंडरग्राउंड माइनिंग की गई थी, इसके बाद इस
क्षेत्र में बीसीसीएल ने भी माइनिंग की थी। इस वजह से वहां की धरती खोखली
बताई जाती है।
इधर, मृतक के परिजन शोभा देवी और रिंकी कुमार ने
प्रशासन के प्रति नाराजगी प्रकट करते परिवार के एक सदस्य को नौकरी और
क्षतिपूर्ति के रूप में मुआवजा देने की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।














