सरकार ने कृषि क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला को बताया स्थिर, खरीफ सीजन की तैयारियों की दी जानकारी
नई
दिल्ली, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र
सरकार ने कहा है कि ईंधन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला भी
स्थिर बनी हुई है। सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान
में रखते हुए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने आगामी खरीफ सीजन के लिए
आवश्यक इनपुट सामग्री की व्यापक समीक्षा की है।
कृषि और किसान
कल्याण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने बुधवार को यहां
अयोजित अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता में प्रमुख कृषि संकेतकों पर स्थिति
स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि थोक मूल्य नियंत्रण में है, जबकि सभी कृषि
जिंसों की थोक कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है। ये कीमतें पिछले कुछ
वर्षों की तरह ही सामान्य दायरे में हैं। मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि
टमाटर, प्याज और आलू की कीमतें भी निर्धारित दायरे में हैं और सब्जियों के
दाम और थोक स्तर पर इनमें सुधार की प्रवृत्ति दिख रही है। उन्होंने बताया
कि राज्यों के साथ समन्वय के माध्यम से यह पुष्टि की गई है कि खरीफ सीजन के
लिए बीजों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। इस सीजन के लिए कुल 166.46 लाख
क्विंटल बीज की आवश्यकता का अनुमान है और सभी प्रमुख फसलों के लिए बीज का
पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कृषि और किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त
सचिव ने संवाददाताओं से कहा कि इस व्यापक आपूर्ति प्रबंधन में मंत्रालयों
के बीच का समन्वय अहम साबित हो रहा है। पिछले महीने हाइब्रिड मक्का के
बीजों को सुखाने के लिए एलपीजी की आवश्यकता एक छोटी बाधा के रूप में सामने
आई थी। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ त्वरित समन्वय कर एलपीजी की
पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराई गई। मनिंदर कौर द्विवेदी ने इस पूरी स्थिति
पर संतोष जताते हुए कहा कि हम खुद को एक आरामदायक स्थिति में पाते हैं।
मनिंदर
कौर द्विवेदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए कृषि और किसान
कल्याण मंत्रालय ने एक व्यापक समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि आने वाले
खरीफ मौसम के लिए सभी आवश्यक इनपुट सामग्रियों के संबंध में तैयारियां पूरी
कर ली हैं। राज्यों के साथ समन्वय में किए गए आकलन से यह पुष्टि हुई है कि
बीजों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कृषि में इस्तेमाल
होने वाली अगली मुख्य चीज खाद है। हालांकि, खाद मंत्रालय ने इससे पहले इस
बारे में अलग से जानकारी दी थी, लेकिन राज्यों के साथ सलाह-मशविरा करके जो
अनुमान लगाया गया है, उसके अनुसार इस मौजूदा खरीफ सीजन में 1391.71 लाख
हेक्टेयर जमीन पर खेती होने की उम्मीद है।
द्विवेदी ने कहा कि इस
खरीफ मौसम के लिए बीजों की कुल आवश्यकता 166.46 लाख क्विंटल होने का अनुमान
है। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख फसलों के लिए बीजों का पर्याप्त भंडार
उपलब्ध है। कृषि और किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर
द्विवेदी ने कहा कि सभी कृषि उत्पादों की थोक कीमतों पर भी नज़र रखी जा रही
है। कुल मिलाकर ये कीमतें सामान्य दायरे में ही हैं, जैसा कि पिछले कुछ
सालों से रहा है। टमाटर, प्याज और आलू जैसी मुख्य फ़सलों की कीमतें भी इसी
दायरे में हैं और उनमें सुधार दिख रहा है, थोक स्तर पर कीमतों में सुधार का
रुझान देखा जा रहा है।















