रांची,   बीआईटी मेसरा के आर एंड डी भवन में आयोजित आईडीई बूटकैंप के तहत विद्यार्थियों ने फूड डिलीवरी केस स्टडी और रैपिडो बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को व्यावसायिक रणनीतियों और स्टार्टअप मॉडल की व्यावहारिक समझ प्रदान करना था।

आठवें सत्र में लीन कैनवास और वित्तीय योजना पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसका समन्वय डॉ कोयल मुखर्जी ने किया और विशेषज्ञ ऋषभ गिल ने सत्र का नेतृत्व किया।

इस दौरान प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, पूंजी और परिचालन व्यय को समझते हुए वित्तीय अनुमान तैयार करने का अभ्यास किया। छात्रों ने फिजिकल कैनवास का उपयोग कर व्यावहारिक गतिविधि में भाग लिया। सत्र में शार्क टैंक शैली की गतिविधि भी आयोजित हुई, जिसमें छात्रों को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए दो मिनट और प्रश्नोत्तर के लिए तीन मिनट का समय दिया गया।

नौवें सत्र में सिद्धार्थ रज़ा हैदर के नेतृत्व में रेवेन्यू मॉडल के महत्व और प्रभाव पर चर्चा की गई, जिसका समन्वय डॉ विनय कुमार ने किया। इसमें बताया गया कि व्यवसाय किस प्रकार आय अर्जित करते हैं, ग्राहकों की पहचान करते हैं और मूल्य निर्धारण करते हैं।

टीमों ने अपने प्रॉब्लम स्टेटमेंट को परिष्कृत कर यूनिक वैल्यू प्रपोजिशन विकसित किया। इसके अलावे विभिन्न प्रोटोटाइप तकनीकों का अभ्यास किया गया। मौके पर हाई-स्टेक्स पिचिंग सिमुलेशन के साथ टीमों ने अपनी कई रणनीतियों और नवाचार का प्रदर्शन भी किया।

कार्यक्रम में मेसरा के ईशा सिंह, निधि कुमारी, करिश्मा तिवारी ने रिपोर्ट प्रस्तुति की। मौके पर बडी संख्या में छात्र सहित अन्य लोग मौजूूद थे।