नेपाली नागरिक अमृत झा अभी भी ईरान की जेल में बंद, विदेशमंत्री खनाल पर रिहाई की गलत जानकारी देने का आरोप
काठमांडू, नेपाल के विदेशमंत्री शिशिर खनाल पर नेपाली नागरिक
अमृत झा की ईरान की जेल से रिहाई को लेकर देश को गलत जानकारी देने का आरोप
लगा है। खनाल के दावे के सात दिन भी अमृत झा ईरान की जेल में ही है।
खनाल
ने १५ अप्रैल को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि अमृत झा ईरान की
हिरासत रिहा हो गए हैं। खनाल ने कहा था, “ ईरान में हमारे मानद
महावाणिज्य दूतावास और कतर स्थित दूतावास उनसे संपर्क में हैं। हमारी टीम
उन्हें ईरान से बाहर लाने के लिए काम कर रही है।” मंत्री खनाल ने यह भी
बताया था कि स्थानीय अदालत से रिहाई का आदेश मिल चुका है और उसी आधार पर
उन्हें रिहा कर ईरान के केश्म द्वीप (समुद्री द्वीप) में सुरक्षित रखा गया
है।
अमृत झा के बहनोई राजेश झा के अनुसार, अमृत ने मंगलवार शाम
करीब 5 बजे फोन कर बताया कि वह अभी भी जेल में ही हैं। अमृत द्वारा परिवार
को दी गई जानकारी के अनुसार, वह फिलहाल ईरान के बंदर अब्बास जेल में हैं।
होर्मोजगान प्रांत में स्थित इस जेल को लेकर मानवाधिकारकर्मी अकसर सवाल
उठाते रहे हैं। यह जेल विशेष रूप से विदेशी नागरिकों, मादक पदार्थ मामलों
के आरोपियों और गंभीर अपराधों के कैदियों को रखने के लिए जानी जाती है।
राजेश
झा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “विदेशमंत्री ने जब रिहा होने की जानकारी
दी तो हम बहुत खुश हुए थे। लेकिन कल शाम करीब 5 बजे अमृत का फोन आया और
उसने कहा कि मैं तो अभी भी जेल में हूं, मुझे किसने रिहा किया—यह सुनकर हम
हैरान रह गए।” विदेशमंत्री के दावे से खुश हुआ झा का परिवार अब और अधिक
तनाव में है। पहले फोन पर अमृत सामान्य और हंसते हुए बात करते थे, लेकिन कल
की बातचीत में वह काफी निराश नजर आए। अमृत ने परिवार को बताया कि उन्हें
अदालत से एक पत्र मिला है, लेकिन मामले की जांच जारी रहने के कारण उन्हें
अभी भी जेल में ही रखा गया है।















