कोलकाता, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तृणमूल शासन के दौरान सात हजार बड़े उद्योग बंद हो गए और पश्चिम बंगाल, जो कभी अनेक क्षेत्रों में अग्रणी था, अब पिछड़ गया है।

बड़ाबाजार में आयोजित सभा में योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पैतृक आवास जोरासांको का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी विरासत को उचित सम्मान देने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकुर के पैतृक घर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चित्र लगाए गए, जो महान कवि का अपमान है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वहां रवीन्द्रनाथ ठाकुर के अतिरिक्त केवल भारत माता की प्रतिमा होनी चाहिए थी लेकिन तृणमूल कांग्रेस को भारतीय संस्कृति से प्रेम नहीं है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम् की रचना के 150वें वर्ष में पश्चिम बंगाल की खोई प्रतिष्ठा लौटाने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का उल्लेख करते हुए पूछा कि उनकी स्मृति के सम्मान में तृणमूल कांग्रेस ने क्या किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आजादी का मंत्र बना था।

उन्होंने कहा कि कभी ज्ञान और नवजागरण की धरती रहे बंगाल में सात हजार बड़े उद्योग, हजारों सूक्ष्म और लघु इकाइयां बंद हो गईं तथा 30 लाख युवाओं के रोजगार समाप्त हो गए। कांग्रेस, मार्क्सवादी दल और तृणमूल कांग्रेस पर दशकों तक कुप्रशासन का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल उद्योगों का कब्रिस्तान बन गया है और केवल दोहरे इंजन की सरकार ही राज्य को फिर से समृद्ध बना सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने उर्दू के प्रसार की बात कही थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोलकाता और बंगाल की भाषा बांग्ला है तथा बंगाली अस्मिता से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार धार्मिक शोभायात्राओं पर रोक लगा रही है। बंगाल मां काली की उपासना के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां काली और दुर्गा पूजा से जुड़ी यात्राओं पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या वे ऐसी सरकार चाहते हैं, जो देश की सांस्कृतिक भावनाओं के खिलाफ काम करती है।