हैदराबाद, अभिनेता प्रकाश राज के कथित विवादित बयान को लेकर राजनीतिक और फिल्मी हलकों में विवाद गहरा गया है। रंगारेड्डी ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष वनीपल्ली श्रीनिवास रेड्डी ने उनके बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विरोध जताया है। यह विवाद उस समय सामने आया जब केरल के एक साहित्यिक कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं पर की गई उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

बुधवार को हैदराबाद के करमनघाट में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेता ने तेलुगु फिल्म उद्योग से अभिनेता का पूर्ण बहिष्कार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे प्रकाश राज को काम न दें।

भाजपा नेता वी. श्रीनिवास रेड्डी ने कहा, “वह समय अब बीत चुका है जब भगवान राम और भगवान कृष्ण को फिल्मों में हास्य पात्रों के रूप में दिखाया जाता था। यह नया भारत है, अब हम चुप नहीं बैठेंगे।” उन्होंने फिल्म उद्योग के प्रमुख निर्माताओं से अपील की कि वे अभिनेता को किसी भी प्रकार की भूमिका न दें।

उन्होंने अभिनेता के निजी जीवन को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे स्वयं को नास्तिक बताते हैं, लेकिन अपनी मां का अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाजों से करने में उन्हें आपत्ति नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकाश राज “नास्तिकता की आड़ में सनातन धर्म पर हमला करते हैं।”

इस बीच, मामला कानूनी मोड़ भी ले चुका है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के बोर्ड सदस्य और भाजपा नेता भानु प्रकाश रेड्डी ने अभिनेता को कानूनी नोटिस भेजा है, जबकि अभिनेत्री कराटे कल्याणी ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

विवाद की जड़ उस प्रस्तुति को बताया जा रहा है, जिसमें प्रकाश राज ने रामायण पर आधारित एक काल्पनिक नाटक का उल्लेख किया था। इस नाटक में मानव पात्रों के स्थान पर चींटियों को दर्शाया गया है। कहानी के अनुसार, भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान दक्षिण की ओर आते हैं और एक वन क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, जहां लक्ष्मण फलों को खाने की अनुमति मांगते हैं और राम उन्हें किसी और की भूमि होने का हवाला देते हुए मना कर देते हैं।