पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड ने पार किया 100 डॉलर का स्तर
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड ने पार किया 100 डॉलर का स्तर
नई
दिल्ली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रखने का ऐलान करने की वजह से आज
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का मूड बिगड़ गया। डोनाल्ड ट्रंप के
ऐलान के बाद ईरानी पक्ष ने नाकाबंदी जारी रहने की स्थिति में शांतिवार्ता
में शामिल नहीं होने की बाद कह कर कच्चे तेल का भाव और बढ़ा दिया। पश्चिम
एशिया में जारी इस तनाव के कारण आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की
कीमत एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई। इसी तरह वेस्ट
टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी 91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर
को पार कर लिया। हालांकि बाद में कच्चे तेल की कीमत में मामूली गिरावट भी
दर्ज की गई।
आज ब्रेंट क्रूड ने तेजी दिखाते हुए 100 डॉलर के करीब
99.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही
यह उछल कर 100.32 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय समय के
अनुसार शाम छह बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 99.78 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह डब्ल्यूटीआई
क्रूड में आज 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 90.38 डॉलर प्रति बैरल
के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 91.41 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसके भाव में मामूली
गिरावट भी दर्ज की गई। भारतीय समय के अनुसार शाम छह बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड
90.68 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
जानकारों का
कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का एलान जरूर
किया, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रखने की बात कह कर पूरे
माहौल को खराब कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान का मतलब यही है कि
सीजफायर के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से मालवाहक जहाजों और ऑयल
टैंकर्स का आना-जाना संभव नहीं हो सकेगा। ऐसी स्थिति में दुनिया भर में
कच्चे तेल की सप्लाई में परेशानी जारी रहेगी।
दूसरी ओर ट्रंप के
ऐलान के बाद ईरानी पक्ष भड़क गया और उसने नाकाबंदी जारी रहने की स्थिति में
किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया। इससे पश्चिम एशिया में
शांति होने की उम्मीद को करारा झटका लगा। इसके साथ ही खाड़ी देशों से होने
वाली कच्चे तेल की सप्लाई के लंबे समय तक बाधित रहने की आशंका भी बन गई। इस
वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल ने एक बार फिर 100 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर को पार कर लिया।
कैपेक्स गोल्ड एंड
इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव दत्ता क्या कहना है कि
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता भी अधर में
लटक गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति की शांति वार्ता के लिए होने वाली
पाकिस्तान यात्रा भी टल गई है। ऐसी स्थिति में पश्चिम एशिया में शीघ्र
शांति होने की उम्मीद पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
पश्चिम एशिया में
तनाव जारी रहने की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई लगातार प्रभावित हो सकती
है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में उबाल आता हुआ
नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट
में नाकाबंदी जारी रखने की बात के जवाब में जिस तरह से ईरान ने शांति
वार्ता से हटने की बात कही, उससे पश्चिम एशिया में शांति होने की उम्मीद को
झटका लगा है। खासकर, आज जिस तरह से ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी)
की एक गनबोट ने ओमान के पास एक कंटेनर शिप पर अंधाधुंध फायरिंग की, उससे
तनाव घटने की जगह और बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन सीजफायर के भविष्य पर भी
प्रश्न चिन्ह लग गया है। जानकारों का कहना है कि इस फायरिंग के बाद कभी भी
दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर बड़ा हमला किया जा सकता है। अगर ऐसा
हुआ, तो कच्चे तेल की सप्लाई पर निगेटिव असर पड़ना तय है, जिसके कारण कच्चे
तेल की कीमत में एक बार फिर उछाल आ सकता है।















