किशनगंज, सीमा से सटे पश्चिम बंगाल में गुरुवार को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बंगाल पुलिस के साथ किशनगंज पुलिस एवं प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के पांच विधानसभा क्षेत्र किशनगंज जिले की सीमा से सटे हुए हैं। इनमें किशनगंज, पोठिया, पहाड़कट्टा और ठाकुरगंज थाना क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित माने जा रहे हैं। ऐसे में इन इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 49 चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जबकि 10 मिरर चेक पोस्ट भी स्थापित किए गए हैं। ये मिरर चेक पोस्ट पश्चिम बंगाल की ओर बनाए गए चेक पोस्ट के समानांतर संचालित किए जा रहे हैं। जिले की सीमा से सटे बालीचुका में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा चेक नाका बनाया गया है, जहां ग्वालपोखर और पंजीपाड़ा ओपी पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की गई है। यहां बिहार की ओर से आने वाले सभी वाहनों की डिक्की की सघन जांच की जा रही है। इधर किशनगंज प्रशासन भी लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।

डीएम विशाल राज, एसपी संतोष कुमार, एसडीएम अनिकेत कुमार तथा एडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह द्वारा लगातार सीमावर्ती चेक पोस्टों का निरीक्षण किया जा रहा है। दो दिन पूर्व भी अधिकारियों ने विभिन्न चेक पोस्ट का मुआयना कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम अनिकेत कुमार ने बताया कि किशनगंज सीमावर्ती जिला होने के कारण विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर 10 मिरर चेक पोस्ट बनाए गए हैं। गलगलिया, रामपुर, फरिंगगोला और बंगाल सीमा से सटे पिछला सहित कुल 10 चेक पोस्टों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इन सभी चेक पोस्टों पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है।

वहीं किशनगंज शहर से सटे बंगाल के क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रामपुर, पांजीपाड़ा, चाकुलिया और कानकी क्षेत्र शहर से सटे होने के कारण विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन इलाकों से होकर एनएच-27 गुजरती है, जिससे आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में बंगाल पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि गुरुवार को मतदान होने के कारण बुधवार को पश्चिम बंगाल से शहर आने वाले लोगों की संख्या में कमी देखी गई। जानकारी के अनुसार कई लोग शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत हैं और मतदान में भाग लेने के लिए उन्होंने अवकाश ले लिया है, ताकि मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।