अररिया   डीएम विनोद दूहन के निर्देश के आलोक में जिले के सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों की सघन जांच कराई गई। जांच के दौरान कुल 6 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए 3 दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द करने कार्रवाई की तथा 3 विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगी गई है।

प्रखंड अररिया के झमटा पंचायत स्थित पीडीएस दुकानदार अब्दुल बारी की दुकान जांच के दौरान गोदाम नहीं खोला गया। इस पर जांच पदाधिकारी ने गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनके विरुद्ध अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई की गई। वहीं, झमटा पंचायत के ही विक्रेता रामानंद रजक की दुकान बंद पाई गई। जांच में बताया गया कि उनके परिवार में मृत्यु होने के कारण दुकान बंद थी। इस मामले में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रखंड अररिया की ही विक्रेता सुनिता कुमारी के बारे में निरीक्षण पदाधिकारी ने रिपोर्ट दी कि वे पिछले 6 माह से राशन वितरण नहीं कर रही हैं। उनके विरुद्ध भी अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई की गई। इसी तरह चन्द्रदेई पंचायत के विक्रेता हेमंत कुमार ने जांच के दौरान चाभी का बहाना बनाकर गोदाम नहीं खोला। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उनके लाइसेंस रद्द करने की है।

कुर्साकांटा प्रखंड के हरीरा पंचायत में ओम नाथ पासवान तथा श्रीलाल पासवान की दुकानें बंद पाई गईं। दोनों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।