बंगाल में भाजपा की जीत के बाद हिंसा जारी, लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने से माहौल गरमाया
कोलकाता, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कई
जगहों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। ताजा मामला मुर्शिदाबाद
जिले के जियागंज का है, जहां मंगलवार शाम श्रीपत सिंह कॉलेज के सामने लगभग
दो दशक पुरानी लेनिन की प्रतिमा को तोड़ दिया गया। इस घटना के वीडियो और
तस्वीरें वायरल हो गई हैं। इनमें दिखाया गया है कि पहले मूर्ति का चेहरा
तोड़ा गया और फिर पूरी मूर्ति को वेदी से उखाड़ दिया गया।
आरोप है
कि कुछ उपद्रवी वहां पहुंचे और लोहे की छड़ों और फावड़ों से प्रतिमा को
तोड़ दिया। मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति अराजक हो गई। इस
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है और वामपंथी दलों ने तीखी
प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर,
राज्यभर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद कई स्थानों से
हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि जश्न के
दौरान कुछ समर्थकों ने प्रतिमा को निशाना बनाया। हालांकि, इन आरोपों को
लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई
करते हुए अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की
पहचान की जा रही है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण
में रखा गया है।
राज्य में हिंसा को लेकर बुधवार को मीडिया से बात
करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा कि सबसे अधिक
घटनाएं आसनसोल, कूचबिहार और बारुईपुर इलाकों में हुई हैं। हालांकि,
उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह से किसी नई गड़बड़ी की खबर नहीं है।
डीजीपी
ने बताया कि नानूर और न्यू टाउन इलाके में दो लोगों की मौत की सूचना मिली
है। चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों में अब तक 200 से अधिक एफआईआर दर्ज
की गई और 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 1100 से ज्यादा लोगों
को भी हिरासत में लिया गया है।
सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा कि पुलिस की
सख्ती और लगातार कार्रवाई के कारण हालात अब काफी हद तक नियंत्रण में हैं और
बुधवार सुबह से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
उन्होंने पूर्व
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी की
सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। डीजीपी ने कहा कि दोनों को पहले की
तरह जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है और किसी तरह की सुरक्षा वापस
नहीं ली गई है।
उन्होंने बताया कि ‘येलो बुक’ के नियमों के अनुसार
ही जेड प्लस श्रेणी के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। अतिरिक्त बल
को हटाकर उसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम में लगाया गया है। इसलिए
सुरक्षा में कटौती की बात सही नहीं है।















