रांची में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन भक्ति में सराबोर, पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया सत्य और संयम का संदेश
रांची, श्री शिवाला सेवा समिति, रांची के तत्वावधान में कांके के
सुकुरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का दूसरा
दिन बुधवार को गहन आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा स्थल पूरी
तरह भक्ति, श्रद्धा और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कथावाचक
पंडित प्रदीप मिश्रा ने जीवन के गूढ़ सत्य, धर्म और भक्ति के महत्व पर
विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भभूत (राख) लगाने के आध्यात्मिक महत्व को
बताते हुए कहा कि यह मनुष्य को जीवन की नश्वरता का बोध कराती है और अहंकार
को समाप्त करने में सहायक होती है। भभूत भगवान शिव से जुड़ने का एक
प्रभावी माध्यम है।
कथा के दौरान उन्होंने सत्यनारायण भगवान की
महत्ता पर भी चर्चा की और कहा कि सच्ची भक्ति का मूल आधार सत्य है।
उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से
कम आधे घंटे सच बोलने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे जीवन में सकारात्मक
परिवर्तन संभव है।
आधुनिक जीवनशैली पर टिप्पणी करते हुए पंडित
मिश्रा ने कहा कि आज मोबाइल “झूठ की मशीन” बनता जा रहा है। उन्होंने इसके
संयमित और सत्यनिष्ठ उपयोग पर जोर देते हुए लोगों को सजग रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम में लगभग दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे आयोजन की भव्यता और आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राज्यपाल समेत कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
राज्यपाल
संतोष कुमार गंगवार ने कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धापूर्वक कथा का
श्रवण किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक
कार्यक्रम समाज में नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक परंपराओं और आध्यात्मिक
चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने आरती में
भी भाग लिया।
इसके अलावा प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर
सिंह, मुख्य यजमान रमेश सिंह, विवेक कुमार और विनीता कुमारी सहित कई
गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे
समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।















