राज्य के सभी DC के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारी, योजना एवं विकास विभाग ने मांगी विभागीय योजनाओं की रिपोर्ट
रांची: झारखंड सरकार राज्य में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जमीनी स्थिति की व्यापक समीक्षा की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में योजना एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) से विभिन्न विभागों की योजनाओं और उनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद सभी उपायुक्तों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जिलों में चल रही प्रमुख सरकारी योजनाओं की स्थिति, लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि, योजनाओं की गति और लंबित कार्यों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। सरकार का फोकस योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारने और विकास कार्यों में आ रही अड़चनों को दूर करने पर रहने की उम्मीद है। योजना एवं विकास विभाग की ओर से जिलों से विभिन्न विभागों के तहत संचालित योजनाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें योजनाओं की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत राशि, खर्च की गई राशि, भौतिक प्रगति और अब तक हासिल किए गए लक्ष्यों जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। जिला स्तर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सरकार यह आकलन कर सकती है कि किन योजनाओं का काम निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है और किन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। समीक्षा बैठक में लंबे समय से लंबित योजनाओं को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। जिन परियोजनाओं में भूमि, प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी मंजूरी, टेंडर, भुगतान या अन्य किसी कारण से काम प्रभावित है, उनकी स्थिति पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। सरकार की कोशिश यह बताई जा रही है कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी न हो और संबंधित विभाग तथा जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ काम पूरा करें। राज्य के सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में विभिन्न विभागों की योजनाओं की मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में DC स्तर से मांगी गई रिपोर्ट के जरिए सरकार को जिलावार विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, ग्रामीण विकास, आवास, बिजली, रोजगार, कृषि सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की प्रगति का विवरण शामिल किए जाने की संभावना है। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केवल योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेने के बजाय उनकी गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जोर दिए जाने की संभावना है। सरकार यह देख सकती है कि योजनाओं के लिए निर्धारित लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि में कितना अंतर है। जहां योजनाओं की प्रगति धीमी पाई जाएगी, वहां संबंधित विभागों और अधिकारियों से कारण पूछा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए समयसीमा भी निर्धारित की जा सकती है। योजना एवं विकास विभाग द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने को राज्य में विकास योजनाओं की निगरानी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में जिलों की समस्याओं को सीधे उपायुक्तों से समझने और उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। खास तौर पर ऐसी योजनाएं जो सीधे आम लोगों को प्रभावित करती हैं, उनकी प्रगति पर सरकार की विशेष नजर रहने की संभावना है। सभी जिलों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के स्तर पर आंकड़े और योजनाओं की स्थिति तैयार करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर ही समीक्षा बैठक का एजेंडा तैयार किया जा सकता है। फिलहाल बैठक की तारीख और विस्तृत एजेंडा को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन योजना एवं विकास विभाग द्वारा जिलों से रिपोर्ट मांगे जाने से साफ है कि सरकार विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षा की तैयारी कर रही है। जिलावार विकास योजनाओं की प्रगति योजनाओं की वित्तीय और भौतिक उपलब्धि लंबित परियोजनाओं की स्थिति योजनाओं में आ रही प्रशासनिक अड़चनें निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने की रणनीति जिलों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही और मॉनिटरिंग व्यवस्था कुल मिलाकर, सभी DC से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब राज्य स्तर पर योजनाओं की प्रगति का आंकलन किया जाएगा। समीक्षा बैठक में सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए नए निर्देश जारी कर सकती है।सभी जिलों से मांगी जा रही योजनाओं की जानकारी
लंबित योजनाओं पर भी होगी नजर
DC की रिपोर्ट से सामने आएगी जिलों की तस्वीर
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर
विकास कार्यों को गति देने की तैयारी
बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता
क्या होगा समीक्षा का मुख्य फोकस?














