कोलकाता,  मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को भूदान आंदोलन के प्रणेता, मानवाधिकार और अहिंसा के समर्थक तथा भारतरत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाज माध्यम पर संदेश जारी कर विनोबा भावे के योगदान और आदर्शों को याद किया।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विनोबा भावे के विचार आज भी शांति, समानता, अहिंसा और मानवीय मूल्यों की दिशा में समाज को प्रेरित करते हैं।

विनोबा भावे का जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के गगोड़े गांव में हुआ था। बचपन से ही आध्यात्मिक चिंतन और समाज सेवा के प्रति उनका झुकाव था। 1916 में वे महात्मा गांधी के संपर्क में आए और उनके विचारों से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़ गए। गांधीजी ने उन्हें ‘विनोबा’ नाम दिया।

1951 में तेलंगाना के पोचमपल्ली से उन्होंने भूदान आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने भूमिहीन लोगों के लिए जमीन दान करने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने करीब 65 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर देशभर में भूदान और ग्रामदान का संदेश फैलाया। उनके प्रयासों से लाखों एकड़ भूमि दान में मिली।

विनोबा भावे ने भगवद्गीता सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना और अनुवाद किया। वे स्वयं को मूलतः शिक्षक मानते थे। 15 नवंबर 1982 को पवनार आश्रम में उनका निधन हुआ।