रांची पानी टंकी हादसा: जिला स्कूल के पास जर्जर ओवरहेड टंकी गिरने से दो मजदूरों की मौत, छह घंटे चला रेस्क्यू
रांची: राजधानी रांची में एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। जिला स्कूल के पास जर्जर ओवरहेड पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह घंटे तक चले अभियान के बाद एक शव को मलबे से बाहर निकाला जा सका। दूसरे मजदूर की मौत की भी पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि जिला स्कूल के पास मौजूद ओवरहेड पानी की टंकी काफी जर्जर स्थिति में थी। इसी दौरान अचानक टंकी का ढांचा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय वहां मजदूर मौजूद थे, जिससे वे मलबे की चपेट में आ गए। टंकी गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव दल ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। भारी मलबे के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार कई घंटे की मशक्कत के बाद एक मजदूर का शव बरामद किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चला। बचाव दल ने मलबे के अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की। इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी पानी की टंकी को समय रहते हटाया या सुरक्षित क्यों नहीं किया गया? स्थानीय स्तर पर पुरानी और कमजोर संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि टंकी की स्थिति पहले से खराब थी तो उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी के इंतजाम क्यों नहीं किए गए। हादसे ने राजधानी में सार्वजनिक और पुरानी संरचनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में दो मजदूरों की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और हादसे की परिस्थितियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने हादसे की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि अगर पानी की टंकी पहले से जर्जर थी, तो उसकी नियमित जांच क्यों नहीं हुई और उसे गिरने से पहले खाली या सुरक्षित क्यों नहीं कराया गया। अब प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि पानी की टंकी की वास्तविक स्थिति क्या थी, उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की थी और हादसे के समय वहां मजदूर किस काम में लगे थे। रांची में इस हादसे के बाद शहर में मौजूद पुराने भवनों, पानी की टंकियों और अन्य जर्जर संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी संरचनाओं की समय-समय पर तकनीकी जांच जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते रोका जा सके। जिला स्कूल के पास पानी की टंकी गिरने से दो मजदूरों की मौत की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और जर्जर ढांचों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब छह घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक शव बरामद किया गया, जबकि हादसे में दो मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच, हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई पर है।अचानक भरभराकर गिरी पानी की टंकी
छह घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जर्जर पानी टंकी को लेकर उठे सवाल
मजदूरों की मौत से परिवार में मातम
हादसे की जांच की मांग
रांची में पुराने ढांचों की सुरक्षा फिर चर्चा में
हादसे ने छोड़े कई सवाल












