रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्ति विवाद के बीच करीब 1340 अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य के कार्मिक विभाग ने इन अधिकारियों को पहले की तरह अपने-अपने पदों पर काम जारी रखने की अनुमति दे दी है। इससे उन अधिकारियों को तत्काल राहत मिली है, जिनकी नियुक्ति को लेकर हाल में अनिश्चितता बनी हुई थी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली स्थिति

JSSC-CGL नियुक्तियों को लेकर विवाद के बीच सरकार की ओर से नियुक्तियों पर कार्रवाई की स्थिति बनी थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने फिलहाल नियुक्त अधिकारियों को राहत दी।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्मिक विभाग ने संबंधित अधिकारियों को उनके पूर्व पदों पर काम जारी रखने की अनुमति देने का आदेश जारी किया। इससे अधिकारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति फिलहाल दूर हो गई है।

1340 अधिकारियों के लिए क्या मतलब?

कार्मिक विभाग के इस आदेश का सीधा असर JSSC-CGL के जरिए नियुक्त हुए अधिकारियों पर पड़ा है। अब वे अपने पदों पर कार्य करते रह सकेंगे और उन्हें तत्काल पद से हटाए जाने या सेवा समाप्त होने की चिंता नहीं रहेगी।

हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि JSSC-CGL विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। परीक्षा में कथित अनियमितता और नियुक्तियों से जुड़े कानूनी सवाल अभी भी अदालत और जांच एजेंसियों के सामने हैं।

पेपर लीक मामले की जांच भी जारी

JSSC-CGL को लेकर एक ओर जहां नियुक्त अधिकारियों को अदालत से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच CID कर रही है।

जांच में कथित पेपर लीक नेटवर्क, अभ्यर्थियों और बिचौलियों के बीच संपर्क, आर्थिक लेन-देन तथा परीक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। CID की कार्रवाई के चलते यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

सरकार के फैसले पर भी रहेगी नजर

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि JSSC-CGL मामले की जांच पूरी होने और अदालत में आगे की सुनवाई के बाद इन नियुक्तियों का अंतिम भविष्य क्या होगा।

फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद 1340 अधिकारियों को काम जारी रखने की अनुमति मिल गई है। ऐसे में आने वाले समय में अदालत की अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी।

अभ्यर्थियों के बीच भी राहत और चिंता

जिन अधिकारियों ने JSSC-CGL प्रक्रिया के जरिए नियुक्ति हासिल की है, उनके लिए यह आदेश बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाने वाले अभ्यर्थी और पक्ष अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

मामले में यदि जांच के दौरान किसी विशेष व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो कार्रवाई संबंधित व्यक्ति की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हो सकती है। इसलिए सभी चयनित अधिकारियों को एक समान रूप से दोषी मानना उचित नहीं होगा।

आगे क्या होगा?

अब JSSC-CGL विवाद में दो मोर्चों पर घटनाक्रम आगे बढ़ेगा—एक तरफ CID की जांच और दूसरी तरफ हाईकोर्ट में नियुक्तियों से जुड़े मामले की सुनवाई।

फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद 1340 CGL अधिकारियों को अपने पदों पर काम जारी रखने की अनुमति मिल गई है, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली है। लेकिन नियुक्तियों का अंतिम भविष्य अदालत के आगे के आदेश और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

बड़ी बात: हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल अधिकारियों की सेवा सुरक्षित हुई है, लेकिन JSSC-CGL विवाद का अंतिम समाधान अभी बाकी है।