JSSC-CGL नियुक्ति घोटाले की जांच फिर गिरिडीह पहुंची, बेंगाबाद के चार लोगों को नोटिस की चर्चा
गिरिडीह/रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब एक बार फिर गिरिडीह जिले तक पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि CID की जांच के दायरे में बेंगाबाद क्षेत्र के चार लोग आए हैं और उन्हें पूछताछ अथवा संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस दिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन चार लोगों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। JSSC-CGL मामले में जांच एजेंसी लगातार उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों की कड़ियों को खंगाल रही है, जिनका नाम या संपर्क इस पूरे मामले की जांच के दौरान सामने आया है। इसी क्रम में गिरिडीह के बेंगाबाद का नाम सामने आने से स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। बेंगाबाद के चार लोगों को CID की ओर से नोटिस दिए जाने की चर्चा ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी इन लोगों से परीक्षा, अभ्यर्थियों, संभावित संपर्कों और पूरे घटनाक्रम से संबंधित जानकारी हासिल करना चाहती है। हालांकि, नोटिस मिलना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। जांच के दौरान एजेंसियां किसी व्यक्ति को गवाह, जानकारी रखने वाले व्यक्ति या संभावित कड़ी के तौर पर भी पूछताछ के लिए बुला सकती हैं। इसलिए जब तक CID की ओर से किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा जाता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। JSSC-CGL प्रकरण में गिरिडीह का नाम पहले भी जांच और राजनीतिक गतिविधियों के कारण सामने आता रहा है। 12 सितंबर को गिरिडीह में JSSC-JPSC की कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा की ओर से समाहरणालय घेराव की खबर भी सामने आई है। ऐसे में बेंगाबाद के चार लोगों को कथित नोटिस की खबर ने मामले को लेकर स्थानीय चर्चा को और तेज कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को क्या जानकारी मिलती है और क्या इससे JSSC-CGL मामले की किसी नई कड़ी का खुलासा होता है। JSSC-CGL मामले में CID की कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में लगातार तेज हुई है। 11 सितंबर को कोडरमा जिले में जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई पहले से गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर की गई। जांच एजेंसी कथित तौर पर प्रश्नपत्र की खरीद-फरोख्त और परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा, जांच में चार अन्य सफल अभ्यर्थियों को भी नोटिस जारी कर रांची बुलाए जाने की खबर सामने आई है। इससे संकेत मिल रहा है कि CID केवल पहले से सामने आए आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सफल अभ्यर्थियों और उनसे जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों ने किस माध्यम से तैयारी की, किन लोगों के संपर्क में थे और क्या उन्हें परीक्षा से पहले किसी प्रकार की अनुचित जानकारी या सहायता मिली थी। जांच एजेंसी यदि बेंगाबाद के चार लोगों को पूछताछ के लिए बुलाती है, तो उनसे भी इसी तरह की जानकारियां हासिल किए जाने की संभावना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन लोगों को किस आधार पर नोटिस दिया गया है और उनसे कौन-कौन से दस्तावेज या जानकारी मांगी गई है। JSSC-CGL विवाद का असर नियुक्तियों पर भी पड़ा है। हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद 1340 CGL अधिकारियों को अपने पदों पर पहले की तरह काम जारी रखने की अनुमति मिली है। राज्य सरकार ने इससे पहले परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संबंधित अधिकारियों को राहत मिली। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जांच एजेंसी की कार्रवाई का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि एक तरफ नियुक्त कर्मचारियों का भविष्य न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच जारी है। अब बेंगाबाद से जुड़े चार लोगों को लेकर सामने आई नोटिस की चर्चा पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि CID वास्तव में इन लोगों से पूछताछ करती है, तो उनके बयान और उपलब्ध दस्तावेज जांच की अगली दिशा तय कर सकते हैं। जांच एजेंसी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कथित अनियमितताओं में कौन-कौन लोग शामिल थे, परीक्षा से संबंधित संवेदनशील जानकारी किस स्तर तक पहुंची और अभ्यर्थियों को इसका लाभ कैसे मिला। फिलहाल CID की जांच जारी है और अलग-अलग जिलों में हो रही कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बेंगाबाद के चार लोगों को नोटिस दिए जाने की चर्चा की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच में उनकी भूमिका क्या है और पूछताछ से कौन-से नए तथ्य सामने आते हैं। नोट: इस रिपोर्ट में बेंगाबाद के चार लोगों को नोटिस दिए जाने की बात को “चर्चा/सूत्रों के हवाले” से रखा गया है। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इसकी स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।चार लोगों को नोटिस की चर्चा से बढ़ी हलचल
पहले भी जांच की आंच पहुंच चुकी है गिरिडीह तक
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
अभ्यर्थियों की भूमिका की भी हो रही पड़ताल
नियुक्तियों पर भी पड़ा है असर
आगे क्या हो सकता है?














