पलामू,   पेट्रोल पंप में साझेदारी और टैंकर में हिस्सेदारी दिलाने का झांसा देकर 01 करोड़ 32 लाख रुपये की कथित ठगी करने का मामला सामने आया है।

जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दंगवार निवासी सतीश कुमार सिंह की शिकायत पर बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले दो सगे भाइयों सरोज कुमार और मनोज कुमार सिंह के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि आरोपित मनोज कुमार सिंह पूर्व में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के करोड़ों रुपये के चर्चित गबन कांड में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है और हाल ही में झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद रिहा हुआ है।

प्राथमिकी में सतीश कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में दोनों भाइयों ने उन्हें पेट्रोल पंप व्यवसाय में पार्टनर बनाने का प्रस्ताव दिया था। इस दौरान विभिन्न बैंक खातों में कई किस्तों में लगभग 70 लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में स्टांप पेपर पर एक दस्तावेज तैयार कर यह भरोसा दिया गया कि उन्हें पेट्रोल पंप के टैंकर में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद टैंकर ट्रांसफर कराने के नाम पर भी करीब 62 लाख रुपये और लिए गए। इस प्रकार कुल 01 करोड़ 32 लाख रुपये लेने के बावजूद आरोपितों ने उन्हें साझेदार मानने से इनकार कर दिया। जब रुपये वापस मांगे गए तो कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर राशि वापस दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आरोपित मनोज कुमार सिंह का नाम इससे पहले झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक दंगवार शाखा में हुए 06 करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन मामले में सामने आ चुका है। उस समय वह बैंक की दंगवार शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि उसने महिला समूहों के खातों, विशेष सावधि जमा खातों और ग्राहकों के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की थी। हुसैनाबाद थाना में दर्ज इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जांच में लगभग 6.03 करोड़ रुपये के गबन की पुष्टि हुई थी। बाद में पुलिस ने उसे बिहार के सासाराम से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही उसे झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिली है, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया है।

नए ठगी मामले में हुसैनाबाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की सत्यता और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामला सामने आने के बाद हुसैनाबाद और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है।