अप्रैल में भारत का इस्पात उत्पादन और खपत बढ़ी, सभी श्रेणियों की कीमतों में सुधार
इस्पात क्षेत्र ने अप्रैल में विकास की गति बनाए रखी, सभी श्रेणियों के कीमतों में सुधार
नई
दिल्ली, भारत के इस्पात क्षेत्र ने अप्रैल 2026 में अपनी
विकास गति को बनाए रखी है। बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्रों में
मज़बूत घरेलू मांग के चलते उत्पादन और खपत में वृद्धि दर्ज की गई है।
इस्पात
मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में कच्चे
स्टील का उत्पादन 14.09 मिलियन टन रहा, जो अप्रैल 2025 के 13.31 मिलियन टन
की तुलना में 5.8 फीसदी की सालाना (साल-दर-साल) बढ़ोतरी है। इस दौरान तैयार
स्टील का उत्पादन बढ़कर 13.05 मिलियन टन हो गया, जिसमें सालाना आधार पर
3.4 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं, तैयार स्टील की खपत भी 12.99 मिलियन टन तक
पहुंच गई, जो 8.1 फीसदी की वृद्धि है।
मंत्रालय ने जारी बयान में
कहा कि यह वृद्धि निर्माण, बुनियादी ढांचे और विनिर्माण जैसे अंतिम-उपयोग
वाले क्षेत्रों में लगातार बनी हुई तेजी को दर्शाती है। इस दौरान हॉट मेटल
उत्पादन में भी साल-दर-साल 5.4 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि इस महीने पिग
आयरन का उत्पादन 6 फीसदी घटकर 0.69 मिलियन टन रह गया।
मंत्रालय ने
बताया कि व्यापार के मोर्चे पर भारत एक मामूली शुद्ध आयातक बना रहा, जहां
आयात 0.68 मिलियन टन और निर्यात 0.47 मिलियन टन रहा। इसकी तुलना में अप्रैल
2025 में आयात 0.52 मिलियन टन और निर्यात 0.38 मिलियन टन रहा था। इस
प्रकार अप्रैल 2026 में आयात और निर्यात में क्रमशः 30.8 फीसदी और 24.9
फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इस्पात मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष
2025-26 में भारत की कुल स्टील क्षमता लगभग 220 मिलियन टन प्रति वर्ष
(एमटीपीए) रही, जो 2030 तक 300 एमटीपीए के राष्ट्रीय स्टील नीति लक्ष्य की
ओर बढ़ रही है। इस दिशा में सेल, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, जेएसपीएल
और एएमएनएस जैसी कंपनियां अपनी क्षमता का विस्तार लगातार जारी रखे हुए हैं।
मंत्रालय
के मुताबिक अप्रैल में घरेलू स्टील की कीमतों में सभी सेगमेंट में तेज़ी
देखने को मिली है। टीएमटी/रीबार की कीमतों में महीने-दर-महीने आधार पर लगभग
2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही साल-दर-साल आधार पर भी 3 फीसदी का
लाभ दर्ज किया गया, जो कई महीनों की नरमी के बाद साल-दर-साल आधार पर पहली
सकारात्मक बढ़त है।
मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान फ्लैट स्टील की
कीमतों में ज्यादा तेजी आई, जिसमें हॉट-रोल्ड कॉइल की कीमतों में पिछले
महीने के मुकाबले लगभग 6.3 फीसदी और जीपी शीट की कीमतों में लगभग 7.3 फीसदी
की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो मजबूत मांग का संकेत है। इस तरह भारत के इस्पात
क्षेत्र ने अप्रैल 2026 में अपनी विकास की गति को बनाए रखा, जबकि घरेलू
मांग की मज़बूत गति और बुनियादी ढांचे तथा विनिर्माण क्षेत्रों में स्थिर
औद्योगिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा।















