सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 की समय सीमा 31 अगस्त तक बढ़ी
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0 की वैधता 31 अगस्त तक या 20 हजार करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक बढ़ाने को अपनी मंज़ूरी दे दी है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने अधिकतम ऋण राशि को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये करने की भी मंजूरी दी है, जो एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के 20 फीसदी की कुल अधिकतम सीमा के तहत है। अब तक इस योजना के तहत कुल 770 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने 20 मार्च को सीजीएसएमएफआई-2.0 स्कीम लागू की। इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) और एमएफआई द्वारा छोटे उधारकर्ताओं को दिए गए ऋण पर संभावित नुकसान के विरूद्ध गारंटी प्रदान करना है।















