कच्चे तेल ने फिर लगाई छलांग, 100 डॉलर तक पहुंची डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत
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दिल्ली, पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर बने सस्पेंस
के माहौल की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल ने एक बार फिर
जोरदार छलांग लगाई। आज के कारोबार में कच्चे तेल ने एक बार फिर 100 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर को छू लिया।
माना जा रहा है कि सीजफायर के टल
जाने और हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पेट्रोलियम प्रोडक्ट के शिपमेंट
में रुकावट आ सकती है। सीजफायर टलने की आशंका के कारण ही बुधवार को 91.05
डॉलर प्रति बैरल तक गिर जाने वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई)
क्रूड आज उछल कर 100.05 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह
बुधवार को 91.88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिरने वाला ब्रेंट क्रूड आज
98.85 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गया।
भारतीय समय के मुताबिक शाम 6:30
बजे ब्रेंट क्रूड 3.71 डॉलर प्रति बैरल यानी 3.92 प्रतिशत की उछाल के साथ
98.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह डब्ल्यूटीआई
क्रूड 5.43 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 99.84 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके पहले बुधवार को ब्रेंट
क्रूड 91.88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिरने के बाद 94.75 डॉलर प्रति
बैरल के स्तर पर बंद हुआ था। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड ने 91.05 डॉलर
प्रति बैरल के स्तर तक लुढ़कने के बाद 94.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर
बुधवार के कारोबार का अंत किया था।
ब्रेंट क्रूड ने आज 2.22 डॉलर
प्रति बैरल की तेजी के साथ 96.97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से आज के कारोबार
की शुरुआत की। दिन के काराबोर में इसकी कीमत 98.85 डॉलर प्रति बैरल के
स्तर तक पहुंच गई। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई क्रूड ने
आज 2.49 डॉलर प्रति बैरल की तेजी के साथ 96.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से
आज के कारोबार की शुरुआत की। दिन के कारोबार में 100.05 डॉलर प्रति बैरल
के स्तर तक पहुंच गई।
भारत में भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज
(एमसीएक्स) पर कच्चे तेल की कीमत में आज लगातार तेजी का रुख बना रहा।
एमसीएक्स पर कच्चे तेल की कीमत 2.62 प्रतिशत बढ़ कर 9,090 रुपये प्रति बैरल
के स्तर तक पहुंच गई। माना जा रहा है कि अगर सीजफायर को लेकर स्थिति
स्पष्ट नहीं हुई, तो कच्चे तेल की कीमत में और तेजी आ सकती है।
मार्केट
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर लगातार असमंजस
की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला के
ठिकानों पर अभी तक का सबसे बड़ा हमला किया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान
की ओर से भी संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और इजरायल समेत
खाड़ी के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला करने की
खबर आई। अमेरिका ने ईरान की शर्तों को बेतुका बता दिया, तो ईरान ने हॉर्मुज
स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान कर दिया। ऐसी स्थिति में फिलहाल पश्चिम एशिया
में सीजफायर की बात लगभग अप्रभावी हो चुकी है।
टीएनवी फाइनेंशियल
सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि हॉर्मुज स्ट्रेट बंद
होने और सीजफायर टल जाने की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई एक
बार फिर बाधित होने की स्थिति में पहुंच गई है। सीजफायर टल जाने की स्थिति
में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और तेज किया जा सकता है। इसी
तरह ईरान ने भी खाड़ी देशों के अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर जता दिया है कि
वो भी चुप बैठने वाला नहीं है। साफ है कि अगर सीजफायर नहीं हुआ, तो हॉर्मुज
स्ट्रेट से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई तो बाधित होगी ही, खाड़ी देशों
में कच्चे तेल के उत्पादन पर भी काफी बुरा असर पड़ेगा। इसी आशंका की वजह से
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर 100 डॉलर प्रति
बैरल तक पहुंच गई है।















