बिहार के फारबिसगंज में पार्किंग विवाद में डबल मर्डर,सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन,डॉक्टर गए हड़ताल पर
बिहार के फारबिसगंज में पार्किंग विवाद में डबल मर्डर,सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन,डॉक्टर गए हड़ताल पर
-सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन,डॉक्टर गए हड़ताल पर
अररिया बिहार में फारबिसगंज
थाना क्षेत्र के कृषि उत्पादन बाजार समिति (विघटित) गेट संख्या दो के पास
ठेला लगाने के लिए पार्किंग के सवाल पर ठेला दुकानदार ने पिकअप ड्राइवर की
गला रेतकर हत्या कर दी। पिकअप ड्राइवर का धड़ को सर से अलग कर दिया
गया।जिसके बाद भीड़ ने ठेला दुकानदार की भी पीट पीटकर मार डाला।
ठेला
दुकानदार फारबिसगंज थाना क्षेत्र के ही चौहान टोला वार्ड संख्या चार का
रहने वाला रवि चौहान पिता भीम चौहान था।जबकि ड्राइवर जोगबनी नगर परिषद
क्षेत्र के अमौना वार्ड संख्या 21 नबी हुसैन पिता मो. मुद्दीन था।
ठेला
दुकानदार प्रतिदिन ठेला लगाकर सत्तू और अनानास बिक्री करने का काम करता
था। भीड़ ने पुलिस कस्टडी से आरोपी ठेला दुकानदार को छीनकर उनकी पिटाई कर
हत्या कर की।जिसके बाद मौके पर आईजी विवेकानंद,एसपी जितेन्द्र कुमार,सदर
एसडीपीओ सुशील कुमार, फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी और एसडीपीओ मुकेश
कुमार साहा,फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस और
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन और
अवैध ऑटो स्टैंड के सवाल पर आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया ।
कृषि उत्पादन बाजार समिति (विघटित) के दरवाजे के साथ ही सुभाष चौक अन्य
स्थानों पर सड़क जाम कर दिया और आगजनी कर प्रदर्शन करते रहे।
आक्रोशित
लोगों ने अनुमंडलीय अस्पताल और बाजार में वाहनों के साथ एम्बुलेंस में
तोड़फोड़ की।जिसको लेकर आईएमए की फारबिसगंज शाखा ने देर शाम बैठक कर कल से
हड़ताल पर जाने का आह्वान कर दिया।
घटना को लेकर एसपी जितेन्द्र
कुमार ने बताया कि फारबिसगंज मार्केटिंग यार्ड के पास घटित घटना पर दुख
जताया।उन्होंने बताया कि घटना में प्रयुक्त चाकू की पुलिस ने बरामदगी कर ली
है।पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।विधि व्यवस्था पूरी तरह
नियंत्रण में है।
एसपी ने कहा कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें
और किसी को कोई जानकारी लेना हो तो उनके या फारबिसगंज एसडीपीओ या
थानाध्यक्ष के मोबाइल पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकता है। दूसरे मृतक
की भीड़ द्वारा पिटाई से हत्या किए गए मामले में एसपी ने कहा कि जो भी
कानूनी कार्रवाई है सख्ती और ताकत के साथ की जाएगी।उन्होंने स्थिति के
नॉर्मल और कंट्रोल में होने का दावा किया।
खूनी खेल के बाद
आक्रोशित लोगों ने दिनभर जमकर हंगामा किया। लोगों के हंगामा प्रदर्शन को
देखते हुए खुद एसपी जितेन्द्र कुमार को मोर्चा संभालना पड़ा।दो मर्डर के
बाद मामले को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम
कर दिया और सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन किया।
आक्रोशित लोगों ने
पुलिस द्वारा सत्तू विक्रेता को फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर जाने के
बाद अस्पताल में भी आक्रोशितों ने प्रदर्शन किया और तोड़फोड़
की।एम्बुलेंस,अस्पताल में तोड़फोड़ और प्रदर्शन के दौरान पुलिस को
आक्रोशितों को शांत करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।प्रदर्शनकारी लाठी
डंडा और बांस बल्ला लिए हुए था।जिसके कारण अनुमंडलीय अस्पताल में थोड़ी देर
के लिए अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। लेकिन तुरंत ही बड़ी संख्या में
पुलिस के पहुंच जाने के कारण प्रदर्शनकारियों को अस्पताल से बाहर निकाला
गया।प्रदर्शनकारियों ने बाहर खड़े एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और अंदर में
भी अस्पताल के समानों को नुकसान पहुंचाया।
अनुमंडलीय अस्पताल में
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी बैद्यनाथ साह ने बताया कि अस्पताल में जब
मरीज को लाया गया तो पीछे से बड़ी संख्या में लोग लाठी डंडा बांस और बल्ले
के साथ पहुंच गए और हंगामा करने लगे।लोगों ने अस्पताल के अंदर तोड़फोड़ और
गाली गलौज करने लगे।जिसके कारण अस्पताल में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया
और अस्पताल के कर्मचारी सुरक्षित ठिकाने की ओर भागने लगे।इसी दौरान भारी
संख्या में पुलिस बलों के पहुंचने के बाद अस्पताल से सबों को बाहर निकाला
गया।सुरक्षाकर्मी ने अस्पताल के अंदर और बाहर एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़
करने की बात स्वीकार की।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन
के साथ मोर्चा संभाला और शांति मार्च की।पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च किया
गया।पूर्व विधायक जाकिर अनवर,समाजसेवी वाहिद अंसारी,जदयू नेता मूलचंद
गोलछा,इजहार अंसारी,संजय कुमार डब्लू,बबलू अनवर,चंदन साह,मनोज साह सहित
दर्जनों लोगों ने पहल करते हुए आक्रोशितों को शांत कराया।














