लगातार वर्षा से ग्रामीण जनजीवन पर असर
कोलकाता, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से हो रही लगातार मूसलाधार वर्षा ने पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। एक ओर पश्चिम मेदिनीपुर के सबंग क्षेत्र में केलेघाई नदी का जलस्तर बढ़ने से लकड़ी का पुल टूटने के कगार पर पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर में लगातार बारिश के कारण कच्चा मकान ढहने से कई मवेशियों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान बुनियादी ढांचे और आवास व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग स्थित लांगलकाटा क्षेत्र में केलेघाई नदी उफान पर है। तेज धारा के साथ बड़ी मात्रा में बहकर आई जलकुंभी लकड़ी के पुल में फंस गई है, जिससे पुल पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। यह पुल पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो सबंग के विष्णुपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क पूर्व मेदिनीपुर से पूरी तरह कट सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण प्रशासन की प्रतीक्षा किए बिना स्वयं नदी में उतर गए। बांस की सहायता से तेज बहाव के बीच पुल के नीचे जमा जलकुंभी हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है, ताकि पुल को टूटने से बचाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान तथा लकड़ी के पुल के स्थान पर कंक्रीट का पुल बनाने की मांग की है।
उधर झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर-दो विकासखंड के कुलियाना ग्राम पंचायत अंतर्गत गुरुवार को पाटाजानिया गांव में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। घटना के समय परिवार के सदस्य किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन मकान के मलबे में दबकर एक गाय, तीन सूअर तथा कई बत्तख और मुर्गियों की मौत हो गई। इससे प्रभावित परिवार की आजीविका पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
घटना की सूचना मिलने पर गुरुवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय मंडल अध्यक्ष तापस सुई मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति का आकलन करने, मुआवजा प्रदान करने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा पात्र परिवारों को आवास योजना के अंतर्गत पक्का घर देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक गरीब परिवार आज भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं, जिसके कारण प्रत्येक वर्ष वर्षा के मौसम में इस प्रकार की घटनाएं सामने आती हैं।















