नई दिल्ली/रांची: झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे मामले में नया मोड़ आ गया है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विनय चौबे की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने जमानत देते हुए निर्धारित शर्तों का पालन करने का निर्देश भी दिया है। हालांकि, मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

विनय चौबे की गिरफ्तारी के बाद यह मामला राज्य के सबसे चर्चित प्रशासनिक मामलों में शामिल हो गया था। जमानत मिलने से उन्हें तत्काल राहत मिली है, लेकिन इससे उनके खिलाफ दर्ज मामले का निपटारा नहीं माना जाएगा। जांच एजेंसियां मामले की जांच जारी रखेंगी और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों एवं न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की नजर इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर रहेगी।

फिलहाल: सुप्रीम कोर्ट ने विनय चौबे को जमानत दे दी है, जबकि मामले की सुनवाई और जांच आगे भी जारी रहेगी।