रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) मुख्यालय पहुंचे, जहां सीआईडी के अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर उनसे विस्तृत पूछताछ की।


इन्हीं पहलुओं पर हुई पूछताछ

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीआईडी दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। पहले दिन एल. खियांग्ते से लगभग आठ घंटे और दूसरे दिन करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र प्रबंधन, निजी एजेंसी की भूमिका तथा चयन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली। तीसरे दिन भी इन्हीं पहलुओं पर पूछताछ जारी रही।

सीआईडी ने एल. खियांग्ते का पासपोर्ट किया जब्त 

जांच के दौरान सीआईडी ने एल. खियांग्ते का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि जांच पूरी होने तक यह कदम आवश्यक है, ताकि बिना अनुमति उनके विदेश जाने की संभावना पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले सीआईडी ने नोटिस जारी करने से पूर्व कांके रोड स्थित एल. खियांग्ते के सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और उनसे प्रारंभिक पूछताछ भी की थी।

कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए

जांच के क्रम में सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय के अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया। जांच टीम ने जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित कई दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। वहीं, टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

क्या है मामला

बता दें कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी अब तक जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।