सरकारी प्रतिबद्धताओं की निगरानी के लिए नेपाल पीएमओ में बनेगी ‘पीएम डिलीवरी यूनिट’
काठमांडू, नेपाल के प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के
अंतर्गत प्रधानमंत्री डिलीवरी यूनिट स्थापित की जाएगी। यह यूनिट
मंत्रिपरिषद् से स्वीकृत 18 सूत्रीय राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के प्रभावी
क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी निकायों के बीच समन्वय
स्थापित करने और उनके कार्यान्वयन की निगरानी करेगी।
प्रधानमंत्री
बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने इससे पहले 100 सूत्रीय सुशासन
सुधार एजेंडा सार्वजनिक किया था। इसी एजेंडे के आधार पर 5 मार्च को हुए
प्रतिनिधि सभा चुनाव में प्रतिनिधित्व हासिल करने वाले छह राष्ट्रीय
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के घोषणापत्र, वादों और प्रतिबद्धताओं को
समाहित करते हुए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता दस्तावेज तैयार किया गया। इस
दस्तावेज़ में शामिल कई प्रतिबद्धताओं को आगामी आर्थिक वर्ष 2026-27 की
सरकारी नीति, कार्यक्रम और बजट में पहले ही शामिल किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री
तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के अनुसार मौजूदा नीति, कार्यक्रम और बजट में
शामिल नहीं हो सकने वाली जो प्रतिबद्धताओं कों भविष्य के सुधार
कार्यक्रमों में समाहित किया जाएगा। सभी प्रतिबद्धताओं को संबंधित
मंत्रालयों और सरकारी निकायों की वार्षिक योजनाओं तथा बजट में शामिल कर
उनके माध्यम से लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इन
प्रतिबद्धताओं के समग्र क्रियान्वयन की निगरानी, प्रगति की समीक्षा और
मंत्रालयों एवं सरकारी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध
कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएम डिलीवरी यूनिट का गठन
किया जा रहा है।
प्रस्तावित पीएम डिलीवरी यूनिट कोई नई अवधारणा नहीं
है। सरकार के प्रदर्शन और जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए दुनिया के कई
देशों में ऐसी इकाइयां पहले से कार्यरत हैं। ब्रिटेन में पूर्व
प्रधानमंत्री के कार्यकाल में स्थापित प्रधानमंत्री डिलीवरी यूनिट इस मॉडल
का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण मानी जाती है। इसी तरह मलेशिया और रवांडा जैसे
देशों में भी सरकार की प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए समान
व्यवस्था लागू है। रवांडा में प्रधानमंत्री कार्यालय सरकारी कार्यक्रमों
के समन्वय और राष्ट्रीय नीतियों के कार्यान्वयन की निगरानी में केंद्रीय
भूमिका निभाता है।














