सावन स्पेशल: भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा देश, शिवालयों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

नई दिल्ली/देवघर: पवित्र सावन माह के साथ ही देशभर में भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष पर्व शुरू हो गया है। सुबह से ही प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शिवभक्त जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरे वातावरण में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष गूंज रहे हैं। सावन को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है, इसलिए इस दौरान पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

क्या है सावन का धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण कर संसार की रक्षा की थी। इसके बाद देवताओं ने उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए जल अर्पित किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि इस माह में श्रद्धापूर्वक शिव पूजा करने से सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।

कांवड़ यात्रा में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

सावन के साथ ही कांवड़ यात्रा भी पूरे उत्साह पर है। लाखों कांवड़िए पवित्र नदियों से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और विश्राम शिविरों की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम

बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और देशभर के अन्य शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सावन का यह पावन महीना पूरे देश में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश दे रहा है।