अयोध्या,  राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के तीसरे दिन रविवार को अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दो दिवसीय बैठक की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक दो चरणों में संपन्न हुई और राम कथा संग्रहालय की कई महत्वपूर्ण बातें अंतिम रूप से तय कर दी गई हैं। संग्रहालय की सभी गैलरियों की स्क्रिप्ट फाइनल कर दी गई है तथा श्रद्धालुओं/विजिटर्स को मिलने वाली सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संग्रहालय में भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी देश की प्रमुख नदियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी शुरुआत सरयू नदी से होगी और समापन गुप्तार घाट पर केंद्रित होगा।

उन्होंने बताया कि राम कथा संग्रहालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया। राम मंदिर निर्माण की कुल लागत 1600 से 1800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान जताया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं की संख्या कम होने की चर्चाओं को नकारते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर में दर्शनार्थियों की कोई कमी नहीं है और लोग आस्था के साथ दर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से लगातार संवाद में उन्हें किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। 22 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है। सीईओ की नियुक्ति, समितियों व उपसमितियों के भविष्य जैसे विषयों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट ही करेगा। नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के पदेन सदस्यों को मतदान (वोटिंग) का अधिकार नहीं होता तथा यदि सीईओ की नियुक्ति होती है तो वह अपना स्टाफ ट्रस्ट की निगरानी में नियुक्त करेगा।