कोकराझार (असम),  पूरे राज्य के साथ कोकराझार जिले के फकीराग्राम में भी भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जयंती श्रद्धा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाई गई। फकीराग्राम स्थित शहीद वेदी परिसर में सोमवारदेर शाम फकीराग्राम स्वर्ण शाखा साहित्य सभा एवं फकीराग्राम कला-संस्कृति विकास मंच के संयुक्त तत्वावधान में तथा भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका जन्म शताब्दी समारोह समिति के आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कोकराझार जिला साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष खनिन चंद्र राय एवं फकीराग्राम स्वर्ण शाखा साहित्य सभा के अध्यक्ष पीयूष चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद कोकराझार जिला साहित्य सभा के पूर्व सचिव कृष्ण चंद्र नाथ एवं फकीराग्राम कला-संस्कृति विकास मंच के पूर्व अध्यक्ष तथा सचिव ध्रुव कुमार मेधी ने डॉ. भूपेन हजारिका के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जन्म शताब्दी समारोह समिति के सचिव कनक सूत्रधर, फकीराग्राम महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदित्य चंद्र डेका, डॉ. अनवारुल इस्लाम तथा फकीराग्राम बालिका मध्य अंग्रेजी विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका अनिमा देवी ने भाग लेकर सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर फकीराग्राम आंचलिक छात्र संघ के महासचिव दिपुनजीत नारायण देव एवं फकीराग्राम महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनोरंजन राय ने शहीद वेदी पर दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में छावामारी पारिजात नाम दल द्वारा नाम-कीर्तन भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में फकीराग्राम स्वर्ण शाखा साहित्य सभा, फकीराग्राम कला-संस्कृति विकास मंच तथा जन्म शताब्दी समारोह समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने डॉ. भूपेन हजारिका के संगीत, मानवतावादी विचारों एवं सामाजिक एकता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।