विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के अपहरण मामले में नया मोड़, पुलिस बोली- अपहरण नहीं, छात्र गुटों के बीच हुई थी मारपीट

रांची: झारखंड के चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के कथित अपहरण की खबर सामने आने के बाद पूरे मामले में अब नया मोड़ आ गया है। रांची पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला अपहरण का नहीं, बल्कि छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट और विवाद का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में शराब के नशे में विवाद होने की बात सामने आई है।

इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई थी। विधायक के बेटे के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।

अपहरण की सूचना से मचा था हड़कंप

विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के अपहरण की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और युवक की तलाश के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई।

हालांकि, जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस के सामने घटना की अलग तस्वीर सामने आई। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है।

छात्र गुटों के बीच मारपीट का मामला

रांची पुलिस के अनुसार, पूरा विवाद छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट से जुड़ा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।

पुलिस का कहना है कि घटना के समय कुछ युवकों के शराब के नशे में होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।

कुछ ही घंटों में सामने आई घटना की तस्वीर

अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले की पड़ताल की। पुलिस की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामला कथित अपहरण का नहीं, बल्कि आपसी विवाद और मारपीट से संबंधित है।

इस घटनाक्रम के बाद अपहरण की खबर को लेकर बनी स्थिति भी बदल गई है। पुलिस अब पूरे मामले में मारपीट और विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

शराब के नशे में विवाद की बात

पुलिस की प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में विवाद होने की बात कही गई है। हालांकि, यह जांच का प्रारंभिक निष्कर्ष है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।

पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस की जांच के बाद स्थिति साफ

फिलहाल पुलिस ने अपहरण की आशंका को खारिज करते हुए इसे छात्र गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट से जोड़कर देखा है। पुलिस की ओर से मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।

विधायक के बेटे के अपहरण की खबर से शुरू हुए इस मामले में अब पुलिस की प्रारंभिक जांच ने तस्वीर बदल दी है। आने वाले समय में पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक बयान से पूरे घटनाक्रम की और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।