नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फर्जी संस्था और झूठे नियुक्ति पत्र के जरिए बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाकर करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को चिह्नित कर कुर्क करने की तैयारी की जा रही है।

फर्जी संस्था बनाकर युवाओं को बनाया निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर एक फर्जी संस्था का संचालन कर रहे थे। संस्था को वैध और प्रतिष्ठित दिखाने के लिए कार्यालय, दस्तावेज और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद सोशल मीडिया, फोन कॉल और दूसरे माध्यमों से बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा दिया जाता था।

आरोपी अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने का दावा करते और उम्मीदवारों से रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी मनी, ट्रेनिंग, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर रकम वसूलते थे। रकम लेने के बाद पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र या अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे।

करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में इस पूरे नेटवर्क के जरिए लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि जांच के आगे बढ़ने के साथ ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

पुलिस अब बैंक खातों, लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल दस्तावेज और आरोपियों से जुड़े अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं।

सरगना समेत छह आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से गिरोह के काम करने के तरीके, फर्जी संस्था के संचालन और पैसों के लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा भी कुछ लोग अलग-अलग स्तर पर गिरोह की मदद कर रहे हो सकते हैं।

संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति का भी ब्योरा जुटा रही है। जांच के दौरान यदि यह साबित होता है कि किसी संपत्ति की खरीद ठगी से हासिल रकम से की गई है, तो नियमानुसार उस संपत्ति को जब्त या कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस की आर्थिक जांच का फोकस आरोपियों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी से अर्जित संपत्ति को कानून के तहत कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।

बेरोजगार युवाओं से पुलिस की अपील

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी निजी संस्था या एजेंसी के जरिए नौकरी मिलने पर उसके पंजीकरण, कार्यालय, नियुक्ति प्रक्रिया और आधिकारिक दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

खासकर नौकरी दिलाने के नाम पर पहले ही बड़ी रकम मांगने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

जांच अभी जारी

फर्जी संस्था के जरिए करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों को नौकरी का झांसा दिया, कितने लोगों से रकम वसूली गई और ठगी की रकम को कहां-कहां निवेश किया गया।