सरायकेला: दलमा इको कॉटेज तोड़े जाने की कवरेज करने गए पत्रकार को धमकी, रेंजर पर कार्रवाई की मांग
सरायकेला-खरसावां: दलमा क्षेत्र में इको कॉटेज तोड़े जाने की कार्रवाई की कवरेज करने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पत्रकारों और स्थानीय मीडिया कर्मियों में नाराजगी है। मामले में संबंधित रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। बताया जा रहा है कि दलमा इको कॉटेज को तोड़े जाने की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद पत्रकार मौके पर कवरेज के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से रेंजर की ओर से पत्रकार को धमकी दी गई। घटना को लेकर पत्रकार ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत रखने और संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, पत्रकार कार्रवाई की तस्वीरें और घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद वन विभाग के अधिकारियों और पत्रकार के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। आरोप है कि कवरेज करने से रोकने के साथ पत्रकार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। घटना के बाद पत्रकार ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के काम में हस्तक्षेप का मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। मामले को लेकर पत्रकार संगठनों और स्थानीय मीडिया कर्मियों ने संबंधित रेंजर के आचरण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी कार्रवाई की रिपोर्टिंग करना पत्रकारों का अधिकार है और कवरेज के दौरान किसी पत्रकार को धमकाना स्वीकार्य नहीं है। पत्रकारों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित रेंजर के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। दलमा क्षेत्र में इको कॉटेज को तोड़े जाने की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वन विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के कारण और नियमों को लेकर भी अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई की मौके पर रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार के साथ कथित धमकी की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और पत्रकार को कथित तौर पर धमकी देने के आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है। पत्रकारों का कहना है कि किसी भी सरकारी कार्रवाई की स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि कवरेज के दौरान पत्रकारों को धमकाया जाएगा, तो इससे मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित होगी। पत्रकारों ने प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में जल्द हस्तक्षेप करते हुए पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है।कवरेज के दौरान हुआ विवाद
रेंजर पर कार्रवाई की मांग
इको कॉटेज को लेकर पहले से विवाद
पत्रकारों में बढ़ी नाराजगी










