कांग्रेस ने आदिवासियों को धोखे में रखकर आयोजित की रैली : समीर उरांव
रांची, भाजपा के एसटी मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह
पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों को धोखे
में रखकर रैली आयोजित की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भली भांति
पता है कि अपनी पार्टी के नाम पर कांग्रेस अगर रैली आहूत करेगी तो 500 का
आंकड़ा भी पार होने वाला नहीं है , इसलिए कांग्रेस ने यह प्रपंच रचते हुए
आदिवासियों को गुमराह करके अपनी राजनीतिक कुकृत्य का परिचय दिया है।
उरांव
ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आदिवासी समाज को राजनीतिक
हथियार बनाकर कांग्रेस ने राजनीतिक पाप किया है। परिसीमन जैसे संवेदनशील
विषय पर कांग्रेस को भय और भ्रम फैलाने के बजाय तथ्य सामने रखने चाहिए। इस
धोखाधड़ी की कीमत कांग्रेस को चुकानी ही होगी। कांग्रेस आदिवासी समाज को
वोट बैंक समझना बंद करे।
उरांव ने कहा कि यह रैली पूरी तरह से
कांग्रेस की थी। रैली में कांग्रेस प्रभारी, अध्यक्ष, उनके दल के सभी
प्रमुख नेता और बंधु तिर्की थे जो रैली में आगे-आगे नाच रहे थे। ये सभी
जानते थे कि उनकी पार्टी के आह्वान पर अगर रैली की जाती तो 500 लोग भी नहीं
जुटने वाले हैं। इसलिए इन्होंने आदिवासियों की रैली बुलाई और पीछे से चर्च
की पूरी मशीनरी को लगाया। चर्च ने चिट्ठी लिखकर लोगों को आने का निर्देश
दिया और साथ में धमकी भी दी।
उरांव ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ
आदिवासी हितों की लंबी लंबी बातें करती है, लेकिन सवाल है कि जिन प्रदेशों
में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकारें हैं, वहां आदिवासी समाज के विकास
और अधिकारों के लिए उसने क्या क्या काम किया है। दशकों से देश के
आदिवासियों को इस पार्टी ने सिर्फ ठगने का काम किया है।
उन्होंने
कहा कि भाजपा ही आदिवासियों की असली हितैषी है। भाजपा आदिवासी समाज के
विकास, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है।














