बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर एकसमान ब्याज देना होगाः आरबीआई
नई
दिल्ली/मुंबई, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने
गुरुवार को बैंकों से कहा कि वे एक ही दिन समान राशि जमा किए जाने पर सभी
शाखाओं में एकसमान ब्याज दर प्रदान करें। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस मामले
में किसी भी तरह का भेदभाव न किया जाए। ये निर्देश एक अक्टूबर 2026 से
प्रभावी होंगे।
आरबीआई की ओर से जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के
मुताबिक जमा (डिपॉजिट) पर दी जाने वाली ब्याज दरें (थोक जमा समेत) बैंकों
की वेबसाइट पर पहले से घोषित ब्याज दरों के अनुरूप ही होनी चाहिए। केंद्रीय
बैंक ने स्पष्ट किया कि किसी बैंक के लिए समान राशि की जमा, जो एक ही दिन
स्वीकार की गई हो, उस पर अलग-अलग दरें देना स्वीकार्य नहीं होगा।
रिजर्व
बैंक की ओर से (वाणिज्यिक बैंक-जमाओं पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश,
2026’ के तहत जारी ये निर्देश एक अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होंगे। आरबीआई
ने कहा कि इस नियम को जून में जारी दिशा-निर्देशों के मसौदे पर हितधारकों
की प्रतिक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
आरबीआई ने कहा कि
बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की
ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी। हालांकि, इसमें अधिकतम 10 मिनट की छूट दी
गई है। इसका मतलब है कि बैंकों को सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक ब्याज दरें
अद्यतन करनी होंगी। साथ ही केंद्रीय बैंक ने बैंकों को तरलता कवरेज अनुपात
(एलसीआर) ढांचे के तहत थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दर देने की सीमित छूट भी
दी है, बशर्ते ये अंतर वैध वित्तीय मानकों के आधार पर हो।















