भागलपुर,   ससुराल में उत्पीड़न और पुलिसिया कार्रवाई में ढील से परेशान एक पीड़िता न्याय की गुहार लेकर बुधवार को राष्ट्र मानवाधिकार संस्था के कार्यालय पहुंची। पीड़िता की दो-तीन मुस्लिम महिला बहनें संस्था के कार्यालय में उपस्थित हुईं और अपनी छोटी बहन के साथ हो रहे घोर अत्याचार और मानसिक प्रताड़ना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित परिवार मूल रूप से भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। आवेदन के अनुसार, पीड़िता का निकाह बड़े ही धूमधाम से हुआ था, जिसमें लड़की वालों की तरफ से शादी के खर्च के नाम पर लड़के के खाते में लगभग 3,00,000 (तीन लाख रुपये) ट्रांसफर किए गए थे। इसके अतिरिक्त बर्तन, पलंग, अलमीरा सहित तमाम जरूरी घरेलू सामान (दहेज सामग्री) भी उपहार स्वरूप दिए गए थे लेकिन शादी के महज 5 से 6 दिन बाद ही पति नवविवाहिता को छोड़कर कहीं चला गया।

पति के जाते ही ससुराल में सास, ससुर और ननद पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। ससुराल वालों के जुल्म से तंग आकर पीड़िता ने फुलवारी शरीफ थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी।

पीड़िता के पास बैंक ट्रांजैक्शन और शादी के सामान की पक्की रसीदें समेत तमाम पुख्ता प्रमाण थे, जो पुलिस को सौंप दिए गए थे। बावजूद इसके, काफी समय बीतने के बाद भी फुलवारी शरीफ पुलिस द्वारा कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और मामला जस का तस बना रहा। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से परेशान होकर आखिरकार पीड़िता की बहनों ने मानवाधिकार संगठन का दरवाजा खटखटाया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्र मानवाधिकार संस्था के अध्यक्ष ईशान सिन्हा ने तुरंत फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी से फोन पर बात की और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। मानवाधिकार संस्था के हस्तक्षेप के बाद फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष ने मामले में निष्पक्ष न्याय का पूर्ण आश्वासन दिया है।

थानाध्यक्ष ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समस्या का उचित समाधान निकालने की बात कही है। अब देखना यह है कि इस बेसहारा पीड़ित महिला को कब तक इंसाफ मिल पाता है। राष्ट्र मानवाधिकार संस्था ने उम्मीद जताई है कि थानाध्यक्ष मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाकर मामले का सही निपटारा करेंगे।