पटना (PATNA): मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार गति’ के तहत राज्य में क्रियान्वित 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के साथ केंद्र प्रायोजित और राज्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं में तेजी लाने, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाएं राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी विभागों को अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को चिह्नित कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।


सड़क को फोर लेन में विकसित करने का निर्देश

समीक्षा के दौरान सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चन्दन-दर्दमारा सड़क परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सड़क के शून्य से 40 किलोमीटर तक के हिस्से को फोर लेन में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने बेलहर से दर्दमारा तक भी फोर लेन सड़क निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क परियोजना की योजना तैयार करने और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।

परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश 

प्रदेश के औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी की पेयजल आपूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने सोन नदी के सतही जल के उपयोग से संबंधित जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने परियोजना की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए इसे निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया। मधुबनी के जयनगर में कमला नदी पर प्रस्तावित बैराज निर्माण की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्माण से संबंधित कार्यों में तेजी लाने तथा आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संसाधन और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिलना चाहिए। औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत गयाजी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ कराने का निर्देश दिया।

बिहार में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना 

सरकार के अनुसार, इस क्लस्टर के शुरू होने से बिहार में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सड़क, बिजली, पानी सहित आवश्यक आधारभूत संरचना समय पर विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि निवेश से जुड़ी गतिविधियों को गति मिल सके। बैठक में दक्षिण बिहार की नहरों और नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। 
समाज कल्याण विभाग और समेकित बाल विकास सेवाओं की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति-सामर्थ्य तथा किशोरी बालिकाओं के लिए भोजन योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।

विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचने पर जोर

मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कर्मियों और संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने आंगनवाड़ी सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने और योजनाओं में किसी प्रकार की समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को भी कहा।

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