RSS ऑफिस हमला केस: अमन के कथित आतंकी नेटवर्क कनेक्शन की जांच तेज, TTH-अलबर्क ब्रिगेड और विदेशी हैंडलरों से संपर्क का दावा
रांची: राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में केंद्रीय जांच एजेंसियां कथित आतंकी नेटवर्क और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के रिकॉर्ड में यह मामला RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में दर्ज है। एजेंसी के अनुसार, 16 जून 2026 की रात दो अज्ञात लोगों ने RSS कार्यालय परिसर की ओर बम फेंके थे। मीडिया रिपोर्टों में जांच के हवाले से आरोपी अमन अंसारी उर्फ गोलू के कथित संपर्कों और ऑनलाइन नेटवर्क को लेकर कई दावे सामने आए हैं। इनमें तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) और उससे जुड़े बताए जा रहे अलबर्क ब्रिगेड का नाम भी शामिल है। हालांकि, इन संगठनों से अमन का संबंध और विदेशी हैंडलरों के साथ उसका संपर्क अभी जांच का विषय है; इसे अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। RSS कार्यालय पर हमले के मामले में अमन अंसारी, सायम सुजान और सैफ अंसारी की गिरफ्तारी के बाद NIA ने आरोपियों से पूछताछ की थी। जुलाई में NIA की रिमांड पूछताछ पूरी होने के बाद अमन और सायम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। एजेंसी ने उस समय आरोपियों से हमले के मकसद, सहयोगियों और कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में पूछताछ की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है। इसी डिजिटल जांच से कथित तौर पर विदेशी संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया में सामने आई ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में शाहनवाज आलम उर्फ भट्टी, आवैश राणा, अहमद अली, मोहम्मद अबरार और रफीका बीबी जैसे नामों से कथित डिजिटल अथवा विदेशी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। इन संपर्कों की प्रकृति, भूमिका और हमले से सीधा संबंध था या नहीं—यह जांच एजेंसियों द्वारा सत्यापित किया जाना बाकी है। इस जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि स्थानीय आरोपियों को किसी बाहरी नेटवर्क से निर्देश, आर्थिक सहायता या अन्य प्रकार की मदद मिली थी या नहीं। राष्ट्रीय स्तर पर हुई हालिया जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने Tehreek-e-Taliban Hindustan (TTH) नाम से जुड़े ऑनलाइन प्रचार और कथित भर्ती गतिविधियों की भी जांच की है। केंद्र सरकार ने 16 सितंबर 2026 को Shahzad Bhatti Network को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस नेटवर्क पर हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की कथित तस्करी तथा ऑनलाइन माध्यम से लोगों की भर्ती और कट्टरपंथीकरण जैसे आरोप हैं। रांची RSS कार्यालय हमले को भी जांच एजेंसियों ने इस व्यापक नेटवर्क से संभावित रूप से जोड़कर देखा है। हालांकि, किसी आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका और किसी प्रतिबंधित संगठन से उसका संबंध अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही स्थापित होगा। जांच के दौरान आरोपियों के दुबई और UAE से जुड़े यात्रा तथा वित्तीय संपर्कों की भी पड़ताल किए जाने की रिपोर्ट है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमन और सैफ के दुबई जाने और वहां कथित संपर्क स्थापित होने की जानकारी जांच में सामने आई। इन दावों की पुष्टि के लिए यात्रा रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित मनी ट्रेल भी है। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया है और अलग-अलग व्यक्तियों के बीच हुए लेन-देन की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमले के लिए किसी प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी या नहीं। इसके साथ ही दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत कई स्थानों पर डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। RSS कार्यालय हमले से जुड़े कथित आतंकी फंडिंग एंगल की जांच अब दूसरी केंद्रीय एजेंसियों तक भी पहुंच गई है। 17 सितंबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में कई परिसरों पर PMLA के तहत तलाशी की। रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय नेटवर्क की जांच से जुड़ी थी। RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जांच अब केवल हमले को अंजाम देने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर उन्हें किसने संपर्क किया, निर्देश किस माध्यम से दिए गए, आर्थिक मदद कहां से आई और हमले के बाद जानकारी किसे भेजी गई। साथ ही, जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, मैसेजिंग एप, बैंक खातों और यात्रा रिकॉर्ड को आपस में जोड़कर कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर तैयार करने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल अमन अंसारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए ये आरोप जांच के स्तर पर हैं। विदेशी हैंडलरों, TTH/अलबर्क ब्रिगेड और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के साथ कथित संबंधों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।अमन और अन्य आरोपियों से पूछताछ में क्या सामने आया?
शाहनवाज, आवैश, अहमद, अबरार और रफीका के नाम जांच के दायरे में
TTH के नाम का इस्तेमाल और कथित ऑनलाइन नेटवर्क
दुबई कनेक्शन की भी जांच
बैंक खातों और मनी ट्रेल की जांच
चार राज्यों में ED की कार्रवाई
जांच का फोकस अब नेटवर्क की पूरी कड़ी पर













