मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल की वापसी रोकने और माकपा को रोकने का संकल्प दोहराया
खड़गपुर, तृणमूल कांग्रेस को लोकतांत्रिक तरीके से परास्त करने
और माकपा को दोबारा सिर उठाने से रोकने के लक्ष्य के साथ पार्टी
कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाई जा रही है। यह बात राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु
अधिकारी ने रविवार देर शाम पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला विधानसभा
क्षेत्र के खड़गपुर-दो प्रखंड के सांकुआ इलाके में कही।
मुख्यमंत्री
16 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित एक लॉज में आयोजित पंडित
दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान शिविर में शामिल हुए थे। प्रशिक्षण
शिविर से बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का चरण पूरा हो गया
है। सरकार अपना काम कर रही है। इसके साथ ही संगठन को और मजबूत करने तथा
सरकार के साथ समन्वय बनाकर लोगों तक पहुंचने का संदेश कार्यकर्ताओं को दिया
गया है।
पार्टी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के देशप्रेम और राष्ट्रवाद तथा पंडित दीनदयाल
उपाध्याय के एकात्म मानववाद के विचारों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और माकपा को लेकर कड़ा राजनीतिक संदेश
दिया। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं को ‘मंत्रगुप्ति’ शपथ में तृणमूल
कांग्रेस को लोकतांत्रिक तरीके से समाप्त करने और माकपा को फिर से उभरने
नहीं देने का लक्ष्य बताया जा रहा है।
यादवपुर विश्वविद्यालय की
दीवारों से विभिन्न लेख और नारे मिटाए जाने के मामले पर भी मुख्यमंत्री ने
कहा कि इस तरह के लेख पहले ही हटा दिए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि
यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव को इस संबंध में जानकारी दी गई
है। उन्होंने ‘फ्री पैलेस्टाइन’ और ‘रेड सल्यूट किशनजी’ जैसे नारों पर भी
सवाल उठाया। किशनजी को लेकर भी उन्होंने कड़ी टिप्पणी की और कहा कि अन्य
लेख भी हटाए जाएंगे।
राज्य में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर भी
मुख्यमंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए
स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिस बीमारी से
मरीज पीड़ित हैं, सरकारी अभिलेखों में उसी बीमारी का नाम दर्ज किया जाना
चाहिए। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर बीमारी के मामलों की संख्या कम करके
दिखाने का आरोप भी लगाया।
प्रशिक्षण शिविर में पश्चिम मेदिनीपुर और घाटाल संगठनात्मक जिले के विभिन्न विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।














