पश्चिम बर्दवान,  पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन. रवि मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर मालदा पहुंचे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सुबह लगभग 10 बजे वह वंदे भारत एक्सप्रेस से मालदा टाउन स्टेशन पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से मालदा सर्किट हाउस पहुंचे। अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने पुरातन मालदा स्थित गुरुद्वारा में आयोजित सिख समुदाय के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी शहादत भारतीय संस्कृति, धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए थी।

राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के चरण इस पावन धरती पर पड़े थे और हमें उनके बलिदान के उद्देश्य को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक अनूठा राष्ट्र है, जिसकी नींव ऋषियों की तपस्या पर और संरक्षण अनेक वीरों के बलिदान पर आधारित है। उन्होंने विशेष रूप से लगभग 400 वर्षों तक सिख गुरुओं के योगदान को याद रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इतिहास में आक्रामणकारियों ने मंदिरों और शिक्षा केंद्रों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन समाज को निराश नहीं होना चाहिए और न ही अपनी संस्कृति और धर्म से दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन जीते हुए भी धर्म और संस्कृति से जुड़े रहने का मार्ग गुरु नानक देव जी ने दिखाया था।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल अपने दौरे के दौरान एक निजी विद्यालय के कार्यक्रम में भी शामिल हुए और छात्र-शिक्षकों के साथ संवाद किया। इसके अलावा उन्होंने जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गौड़ स्थित रामकेली धाम का भी दौरा किया।

राज्यपाल के आगमन को लेकर स्टेशन परिसर से लेकर विभिन्न कार्यक्रम स्थलों तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने दौरे को लेकर विशेष तैयारियां की थीं।