ईडन गार्डन्स में दुर्गापूजा की भव्य तैयारी, 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक होगा विशेष आयोजन
कोलकाता, कोलकाता का ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स इस बार क्रिकेट के साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। दुर्गापूजा के अवसर पर यहां विशेष कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 10 अक्टूबर, महालया को होने वाला भव्य आयोजन होगा। राज्य सरकार की ओर से इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित करने की योजना है।कार्यक्रम की तैयारियों के लिए 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक करीब 21 दिनों के लिए ईडन गार्डन्स में विशेष व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान मैदान में मंच, सजावट, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य तैयारियों के कारण सामान्य क्रिकेट गतिविधियों का कार्यक्रम प्रभावित होगा। इसी वजह से ईडन गार्डन्स में प्रस्तावित बंगाल-दिल्ली रणजी ट्रॉफी मुकाबले को लेकर भी बदलाव की स्थिति बनी है और मुकाबला कल्याणी स्थानांतरित किये जाने की जानकारी सामने आई है।
बंगाल में महालया का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसी दिन से दुर्गापूजा के आगमन का माहौल बनना शुरू हो जाता है। इस बार राज्य सरकार ईडन गार्डन्स जैसे ऐतिहासिक स्थल को भव्य आयोजन के लिए इस्तेमाल करने जा रही है।
ईडन गार्डन्स का इतिहास करीब 162 साल पुराना है। इसकी स्थापना 1864 में मानी जाती है। मैदान का नाम ईडन परिवार से जुड़ा है और यह कोलकाता के सबसे पुराने तथा प्रतिष्ठित खेल स्थलों में शामिल है।
ईडन गार्डन्स में पहला टेस्ट मैच 1934 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इसके बाद यह मैदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह बना। यहां विश्व कप मुकाबले, ऐतिहासिक टेस्ट मैच और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई यादगार मुकाबले खेले गए हैं।
1987 क्रिकेट विश्व कप का फाइनल भी ईडन गार्डन्स में हुआ था। इसके अलावा 1993 के हीरो कप सेमीफाइनल और 1996 विश्व कप सेमीफाइनल जैसे मुकाबले भी इस मैदान की क्रिकेट विरासत का हिस्सा हैं। 2001 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबला भी ईडन गार्डन्स के इतिहास में विशेष स्थान रखता है।
ईडन गार्डन्स लंबे समय से केवल क्रिकेट का मैदान नहीं रहा है। यहां फुटबॉल और अन्य बड़े खेल आयोजन भी हुए हैं। 1977 में पेले की मौजूदगी में न्यूयॉर्क कॉसमॉस और मोहन बागान के बीच मुकाबला भी इसी मैदान पर हुआ था।













