तेहरान में शक्तिशाली धमाके, इराक के कुर्द इलाके में हमला
तेहरान/बगदाद, ईरान की राजधानी तेहरान में आज सुबह एक साथ कई धमाके हुए हैं। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी। उधर, इराक के कुर्द इलाके में हमलों में तेजी से चिंता बढ़ गई है। अमेरिका-इजराइल और ईरान की इस लड़ाई में इराक में मौजूद हथियारबंद गुट ' सराया औलिया अल-दाम' ने अमेरिकी हितों पर हमला किया है।
अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, फार्स ने बताया कि आज सुबह करीब 7:20 बजे उत्तरी तेहरान में दो जोरदार धमाके हुए। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया निशाना किसे बनाया गया। उधर, इराक में खासकर स्वायत्त कुर्द इलाके में हमलों में अचानक तेजी आई है। दुहोक में कुर्द इलाके के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी के घर को निशाना बनाने की कई कोशिश हुई है। एक बयान में, बरजानी ने बगदाद में केंद्र सरकार से इन हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की अपील की।
इराक में मौजूद हथियारबंद समूह 'सराया औलिया अल-दाम' ने विज्ञप्ति जारी की है। इस समूह के ईरान से संबंध हैं। समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उसने कम से कम छह ऐसे इलाकों को निशाना बनाया है जिनका संबंध अमेरिकी हितों से है। इस समूह ने कोया जिले में विस्थापितों के कैंप और हरीर में अमेरिका के सैन्य बेस पर हमला किया है। इस समूह ने एरबिल में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला करने की भी कोशिश की।बताया गया है कि इन हमलों को अमेरिकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने विफल कर दिया। इस बीच बगदाद में भी कुछ देर पहले आसमान में धमाकों की तेज सुनी गई है।
उल्लेखनीय है कि सराया औलिया अल-दाम इराक में स्थित ईरान समर्थित शिया मिलिशिया समूह है। यह समूह उत्तरी इराक, विशेष रूप से एरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट हमलों के लिए जिम्मेदार है। यह समूह मुख्य रूप से अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए ईरान की सैन्य कार्रवाई में उसका साथ दे रहा है। इसे असाइब अहल अल-हक मिलिशिया से जुड़ा फ्रंट ग्रुप माना जाता है। यह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक का हिस्सा है। यह समूह खुद को इराकी प्रतिरोध के हिस्से के रूप में पेश करता है और ईरान के खिलाफ इजराइल-अमेरिका युद्ध के जवाब में सक्रिय है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध क्षेत्र में जमे हुए हैं। ईरान ने बहरीन के एक एल्युमिनियम प्लांट पर हमला किया है। हमले में प्लांट के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ली है। यह औद्योगिक प्लांट बहरीन की प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) का है। औद्योगिक प्लांट पर हुए हमले ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया। आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि उसकी एयरोस्पेस और नौसेना बलों ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में यूएई के अमीरात ग्लोबल एल्युमिनियम और बहरीन के एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) प्लांट को लक्षित किया गया।
ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित इजराइली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले करने की धमकी दी है। यमन के हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। ईरान ने कहा है कि इजराइल और अमेरिका देश पर लगातार हमले कर रहे हैं। बुशेहर प्रांत और खुजेस्तान प्रांत में हुए हमले का हर हाल में बदला लिया जाएगा।
अमेरिका और इजराइल के बुशेहर प्रांत में किए गए हमले में एक परिवार के चार सदस्य मारे गए। दोनों देशों ने खुजेस्तान प्रांत में एक जल सुविधा पर हमला किया। इसके जवाब में, तेहरान ने मध्य पूर्व में स्थित इजराइली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर जवाबी हमला करने की धमकी दी है। इसके अलावा यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन से दूसरा हमला किया है।
ईरान के प्रेस टीवी ने कहा कि शनिवार को हमले में इजराइली रडार सेंटर और एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। यह हमला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी), ईरानी सेना और मध्य-पूर्व में तेहरान के सहयोगियों ने संयुक्त रूप से किया। ईरान ने दावा किया है कि हमले में आईआरजीसी ने एक अमेरिकी एमक्यू 9 ड्रोन को मार गिराया और एक एफ-16 लड़ाकू विमान को भी निशाना बनाया।
ईरानी सेना ने हाइफा बंदरगाह शहर में इजराइली सैन्य एयरोस्पेस कॉम्प्लेक्स में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और रडार सेंटर को निशाना बनाया। इस सेंटर को इजराइली रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी चलाती है;।साथ ही डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट पर एक ईंधन भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया।















