बाढ़ प्रभावित छात्रों के लिए नेपाल सरकार ने शुरू की 1 अरब रुपये की ‘सुरक्षित भविष्य छात्रवृत्ति योजना’
काठमांडू, नेपाल सरकार ने भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित छात्रों की शिक्षा के लिए करीब 1 अरब रुपये की ‘सुरक्षित भविष्य छात्रवृत्ति योजना’ की घोषणा की है।
मंत्रालय में मंगलवार को एक कार्यक्रम में शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने छात्रवृत्ति कार्यक्रम की घोषणा की। निजी विद्यालय संचालकों के छाता संगठन के सहयोग से यह योजना शुरू की गई है। इसके तहत छात्रों को पूर्ण, आंशिक और आवासीय छात्रवृत्ति के साथ पाठ्यपुस्तकें, स्कूल यूनिफॉर्म, शैक्षिक सामग्री, भोजन और आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य प्रारंभिक बाल विकास से लेकर कक्षा 12 तक के बाढ़ प्रभावित छात्रों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मंत्री पोखरेल ने आपदा के समय निजी और संस्थागत विद्यालयों की निभाई गई सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश और विदेश से मिले सहयोग ने सरकार को अतिरिक्त ऊर्जा और प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित छात्रों के आंकड़ों के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शोक को शक्ति में बदलते हुए बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक योजनाएं आगे बढ़ाई गई हैं। प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए निजी क्षेत्र से आवश्यक संसाधन जुटाने की भी तैयारी की गई है।
इस उद्देश्य के लिए मंत्रालय प्राइवेट एंड बोर्डिंग स्कूल्स ऑर्गनाइजेशन नेपाल, नेशनल प्राइवेट एंड बोर्डिंग स्कूल्स ऑर्गनाइजेशन नेपाल, हायर इंस्टीट्यूशंस ऑफ सेकेंडरी स्कूल्स एसोसिएशन नेपाल, एसोसिएशन ऑफ प्री-स्कूल एजुकेशन नेपाल और मॉन्टेसरी एसोसिएशन नेपाल सहित अन्य संगठनों के साथ सहयोग करेगा। यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम प्रारंभिक बाल विकास स्तर से कक्षा 12 तक के छात्रों को शामिल करेगा। बताया गया है कि करीब 1,000 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में 19 स्कूल बाढ़ से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिपोर्ट में 16 शिक्षक और 217 छात्रों के लापता होने तथा 9,742 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का उल्लेख है। योजना के तहत प्रभावित छात्रों को पूर्ण, आंशिक और आवासीय छात्रवृत्ति के साथ शैक्षिक सामग्री तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।















