राधा-कृष्ण मंदिर में ठाकुर जी का 101 किलो दूध से विशेष अभिषेक
राधा-कृष्ण मंदिर में ठाकुर जी का 101 किलो दूध से विशेष अभिषेक
रायपुर, छत्तीसगढ़ के मठ और मंदिरों में आज श्रीकृष्ण
जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है । रायपुर सहित प्रदेश के
मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। शहर के अलग-अलग
मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक, भजन-कीर्तन और भोग की तैयारियां की गई
हैं।
रायपुर के समता कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में सुबह से ही
भगवान की मनमोहक झांकी के दर्शन शुरू हो गए हैं। जन्मोत्सव के मुख्य
अनुष्ठान के तहत ठाकुर जी का 101 किलो दूध से विशेष अभिषेक किया गया है।
मंदिर और प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता के कारीगरों ने किया है। सुबह 9
बजे से झांकी दर्शन शुरू हो चुके हैं। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद
महाआरती होगी। रात 12 बजे महाआरती के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव होगा। इसमें प्रतियोगिताओं के साथ
भजन-कीर्तन, महाभिषेक और छप्पन भोग होगा। रायगढ़ के श्याम मंदिर और गौरी
शंकर मंदिर में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह से मंदिरों
में अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी, जो दो दिन तक रहेंगी। अगले दिन सुबह
जगह-जगह भंडारे होंगे।
रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव
मठ में ठाकुरजी के जन्मोत्सव की धूम है । आज 4 सितंबर की शाम 4 बजे भजन
संध्या होगी। जन्मोत्सव के मौके पर ठाकुरजी का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा।
रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ आरती होगी। भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1
क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद कल (5 सितंबर) की शाम 5 बजे
से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
महामाया मंदिर के
पुजारी मनोज शुक्ल ने बताया कि दूधाधारी मठ और इससे जुड़े मठ-मंदिरों में
जन्माष्टमी का पर्व 7 सितंबर तक मनाया जाएगा। आज सुबह 8 बजे से भजन-कीर्तन
शुरू हो चुके हैं। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आरती होगी। 7 सितंबर
को एकादशी के दिन रात 12 बजे आयोजन का समापन होगा।शहर के सिटी कोतवाली में
वासुदेव, देवकी, सैनिकों की वेशभूषा में कलाकार भगवान के जन्म का मंचन
करेंगे। रात 12 बजते ही थाने की लाइट कुछ देर के लिए बंद कर दी जाएगी।
कोतवाली थाने से जयकारा लगाते हुए ठाकुर जी को सदर बाजार के गोपाल मंदिर ले
जाया जाएगा।
पेठा लाइन नयापारा के श्री बांके बिहारी मंदिर में
सुबह 8 से 10 बजे तक दुग्धाभिषेक हो रहा है। सुबह 11:30 बजे श्रृंगार दर्शन
होंगे। रात 12:01 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद आरती होगी। मंदिर की
स्थापना को करीब 156 साल हो चुके हैं।टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में 5
सितंबर तक जन्माष्टमी महा-महोत्सव होगा। भक्ति नृत्य समेत कई प्रतियोगिताएं
होंगी। मंगल आरती से कार्यक्रम शुरू होंगे। रात 9 बजे महाभिषेक और
मध्यरात्रि में छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। रात 12.15 बजे महाआरती होगी।
बूढ़ापारा
के गिरिराज मंदिर में बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर और द्वारका धाम से
लाई गई सामग्री से भगवान की आराधना की जाएगी। सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर
में आज (4 सितंबर) रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद
पूजा-अर्चना होगी। कल (5 सितंबर) नंद महोत्सव मनाया जाएगा।
राजिम
गरियाबंद जिले में महानदी, पैरी, सोंढुर के संगम पर स्थित ऐतिहासिक श्री
राजीव लोचन मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष रौनक है। यहाँ की पारंपरिक
"मंडली" परंपरा के तहत रक्षाबंधन से लेकर आज तक घर-घर जाकर अनाज और दान
इकट्ठा किया जाता है। आज जन्माष्टमी के दिन इस संचित सामग्री से मंदिर
परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही गर्भगृह में
चतुर्भुज विष्णु (राजीव लोचन रूप) की विशेष पूजा और 4 से 5 घंटे का
पारंपरिक धार्मिक "खेल" (स्थानीय अनुष्ठान) आयोजित हो रहा है।
बिलासपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में
भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र जी का पीतांबर (पीले वस्त्रों) से विशेष
श्रृंगार किया गया है। ।यहां 80 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मंदिर में भगवान
श्री वेंकटेश (भगवान विष्णु/कृष्ण रूप) की काले ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित
दक्षिण भारतीय शैली की भव्य प्रतिमा स्थापित है। नागपंचमी से शुरू हुए
प्रसिद्ध "झूला महोत्सव" का समापन आज जन्माष्टमी के दिन विशेष पूजा के साथ
हो रहा है। मध्यरात्रि 12 बजे जन्मोत्सव की भव्य महाआरती होगी। भिलाई के
सेक्टर-6, भिलाई में स्थित भगवान कृष्ण के मंदिर में आज कान्हा को विशेष
रूप से 108 प्रकार के पकवानों का महाभोग लगाया गया है।
खैरागढ़
जिले के राजमहल परिसर में स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर काले पत्थर से निर्मित
भगवान कृष्ण के मंदिर में भी विशेष पूजा की जा रही है। अंबिकापुर के
प्राचीन गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी की धूम है। कबीरधाम (कवर्धा) जिले में
स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण जमात मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है
।श्याम मंदिर रायगढ़ में मंदिर परिसर के आसपास जन्माष्टमी मेला का नजारा
है।रायगढ़ के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में 5 दिवसीय ऐतिहासिक कृष्ण
जन्मोत्सव और पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया है ।















